Wednesday, February 12, 2020

कोर्ट का बड़ा फैसला ::: तबादला प्राथमिक अध्यापकों का अधिकार नहीं , इलाहाबाद उच्च न्यायालय का अध्यापकों की तबादला नीति में दखल से इन्कार , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

कोर्ट का बड़ा फैसला ::: तबादला प्राथमिक अध्यापकों का अधिकार नहीं , इलाहाबाद उच्च न्यायालय का अध्यापकों की तबादला नीति में दखल से इन्कार , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 






इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों की तबादला नीति के तहत महिला-पुरुष शिक्षकों या उनके परिवार के सदस्यों की गंभीर बीमारी की दशा में वरीयता देने को वैध करार दिया है। कोर्ट ने कहा, प्राथमिक अध्यापकों के तबादले के लिए दो दिसंबर 2019 को जारी नीति न तो संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है न विरोधाभाषी। कोर्ट ने कहा, प्राथमिक अध्यापक को शहर से ग्रामीण या ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में तबादला कराने का अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने मनोज कुमार व 29 अन्य अध्यापकों की अर्जी खारिज करते हुए कहा, तबादला नीति में शर्ते लगाना प्रशासन का कार्य है जब तक वह मनमाना या संविधान विरोधी न हो तब तक कोर्ट उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। याचिका में तबादला नीति के कालम 8(4) की वैधानिकता को चुनौती दी गई थी। जिसके तहत पांच क्वालिटी प्वाइंट देकर अध्यापिकाओं को वरीयता देने की व्यवस्था की गई है। कोर्ट ने कहा, महिलाओं को वरीयता देने से कानून का उल्लंघन नहीं होता है।