Tuesday, January 28, 2020

यूपी पुलिस में दरोगा ने की मांग , बीवी से बढ़कर नहीं नौकरी, साहब दे दो रिटायरमेंट , डीआईजी से दो दरोगाओं ने मांगी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, समझाने पर नहीं माने तो कर दिया रिटायर , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

यूपी पुलिस में दरोगा ने की मांग , बीवी से बढ़कर नहीं नौकरी, साहब दे दो रिटायरमेंट , डीआईजी से दो दरोगाओं ने मांगी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, समझाने पर नहीं माने तो कर दिया रिटायर , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 



डीआईजी साहब बीवी से बढ़कर नौकरी नहीं है। पिछले महीने बीमार हो गई। महीने भर दिल्ली में पड़ा रहा। महकमे में छुट्टी मिलती नहीं है। बीवी की देखभाल कौन करे। बच्चे बड़े हो गये हैं। सब अपनी नौकरी कर रहे हैं। अब बुढ़ापे में बीवी की देखभाल करें कि नौकरी। दोनों दरोगाओं ने बीवी का हवाला देते हुये डीआईजी से स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति मांगी। समझाने के बाद नहीं माने तो डीआईजी ने दोनों को स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति दे दी।

अमरोहा में डिडौली थाने के सलामतपुर गांव के रहने वाले एसआई जयपाल सिंह नौ दिसंबर 1980 को बतौर सिपाही भर्ती हुये थे। घर में पत्नी और तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा और बहू डॉक्टर है। अन्य बच्चे भी अच्छे पदों पर नौकरी कर रहे हैं। पत्नी की देखरेख करने वाला कोई है नहीं। जयपाल सिंह का कहना है कि पुलिस में छुट्टी मिल नहीं पाती है। छह-छह महीने घर का मुंह नहीं देख पाते हैं। इस कारण वह स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले रहे हैं।

शाहजहांपुर में गढ़िया रंगीन के नरेश भटनागर की पत्नी पुष्पा प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं। एक बेटी गाजियाबाद में इंजीनियरिंग कालेज में पढ़ा रही है। बेटा एमटेक कर रहा है। नरेश ने बताया कि उनकी पत्नी एक महीने तक बीमार रहीं। वह अस्पताल में पड़े रहे। पत्नी के बीमार होने पर मेडिकल लीव भी नहीं मिल सकती है। नौकरी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

 
दोनों दरोगाओं को समझाने का प्रयास किया गया। उन्हें 15 दिन का समय दिया गया। दोनों दरोगा अपनी पत्नीयों के साथ आये थे। नहीं माने इस वजह से उन्हें समय पूर्व रिटायरमेंट दे दिया गया। - राजेश पांडेय, डीआईजी रेंज