Thursday, November 7, 2019

अपनी सैलरी से शिक्षिका ने सरकारी स्कूल को बना दिया 'स्मार्ट' , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

अपनी सैलरी से शिक्षिका ने सरकारी स्कूल को बना दिया 'स्मार्ट' , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 





यूपी के प्रयागराज जिले की एक शिक्षिका ने सरकारी स्कूल में अपने निजी संसाधनों से प्राइमरी स्कूल को कॉन्वेंट स्कूल के स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि की सराहना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 'मन की बात' कार्यक्रम में कर चुके हैं। प्रयागराज जिले की इस शिक्षिका ने ना केवल स्कूल के बच्चों के लिए अपने वेतन से संसाधन जुटाए हैं, बल्कि बच्चों को मोबाइल से ऑनलाइन एजुकेशन भी दे रही हैं।

चाका ब्लॉक के मॉडल प्राइमरी स्कूल तेंदुआवन में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात ममता मिश्रा यू-ट्यूब पर अपना चैनल भी चलाती हैं। जिस पर बच्चों को पढ़ाते हुए अब तक उन्होंने 487 वीडियो
ममता मिश्रा ने अपनी कमाई के पैसे से बच्चों के लिये डेस्क-बेंच मंगवाए हैं। ममता के स्कूल के बच्चों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले किसी बच्चे को अगर शैक्षिक संसाधनों या फीस के पैसों का अभाव हो तो ममता इसके लिए अपने वेतन से ही सारे इंतजाम कर सकते हैं।

सरकारी स्कूल में बच्चों को मोबाइल से ऑनलाइन शिक्षा दे रहीं ममता मिश्रा, यू-ट्यूब चैनल भी चलाती हैं
बनी मिसाल
प्रयासों की पीएम ने भी की तारीफ, डिजिटल तरीकों से क्लास में पढ़ रहे गांव के बच्चे
अपलोड किए हैं। ममता बताती हैं कि उनकी नियुक्ति 2015 में हुई थी। उन्होंने दूसरे शिक्षकों की तरह संसाधनों का रोना रोने की बजाय प्राइमरी में पढ़ने वाले बच्चों को कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों की तरह ही डिजिटल तरीके से पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

दीक्षा ऐप से मिल रही मदद : ममता अपनी क्लास में आने वाले पहली कक्षा के बच्चों को घर में मोबाइल के जरिये पढ़ने के गुर सिखा रही हैं। क्लास में बच्चों को पढ़ाने के साथ ही उन्हें मोबाइल में दीक्षा ऐप के जरिये पढ़ने के तरीके भी सिखा रही हैं। बच्चे भी पढ़ाई की इस डिजिटल तकनीक को खुशी-खुशी सीख रहे हैं।