Monday, November 11, 2019

बेसिक शिक्षा के स्कूलों में मिटेगा नगरीय-ग्रामीण कैडर का फासला! , ग्रामीण से नगरीय क्षेत्र में भी शिक्षकों के तबादले की राह तलाशने में जुटा शिक्षा विभाग , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

बेसिक शिक्षा  के स्कूलों में मिटेगा नगरीय-ग्रामीण कैडर का फासला! , ग्रामीण से नगरीय क्षेत्र में भी शिक्षकों के तबादले की राह तलाशने में जुटा शिक्षा विभाग , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 





 बेसिक शिक्षा विभाग ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में भी शिक्षकों के तबादले की राह तलाश रहा है। इसके लिए नगरीय और ग्रामीण कैडर का 'फासला' कैसे मिटाया जाए इस पर मंथन चल रहा है। दोनों को समाप्त कर एक कैडर करने के लिए बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में संशोधन की तैयारी है।

शिक्षकों की एक-दूसरे जिले से ट्रांसफर की पॉलिसी इस बदलाव के इंतजार में फंस गई है। बेसिक शिक्षक एक जिले से दूसरे जिले के तबादले की राह खुलने का इंतजार कर रहे हैं। विभाग ने 31 अक्टूबर तक पॉलिसी जारी करने की बात भी कही थी। लेकिन, अब तक कुछ पेंच उलझ नहीं पाए हैं।

नियमावली में बदलाव पर मंथन

सूत्रों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग से संशोधित प्रस्ताव भेजा गया था जिसमें कहा गया था कि ग्रामीण से नगरीय क्षेत्र में तबादले में काफी दिक्कतें हैं। दोनों के ही कैडर अलग होते हैं। इसलिए एक-दूसरे कैडर में तबादला नहीं होता है। साथ ही ग्रामीण से नगरीय क्षेत्र में तबादले खोलने पर यहां आने के लिए अधिक मार मचेगी। इस पर उच्च स्तर से फिर कहा गया कि इसमें कुछ राइडर लगाकर नगरीय क्षेत्र के लिए तबादला खोलने पर विचार किया जा सकता है। मसलन शिक्षक का रेकॉर्ड बेहतर हो, पुरस्कार प्राप्तकर्ता हो या अन्य वेटेज तय किए जा सकते हैं, जिससे बेहतर काम करने के पुरस्कार के तौर पर नगर क्षेत्र में भेजा जा सके।

नगरीय क्षेत्र में शिक्षकों के पद भी कई जिलों में काफी खाली हैं। अब विभाग इनके विकल्प तलाशने पर जुटा है। सूत्रों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली की धारा 22 में बदलाव पर विचार कर रहा है, जिससे तबादले पर वरिष्ठता की समस्या हल की जा सके। शिक्षक का पद जिला कैडर का होता है। इस पर भी मंथन चल रहा है कि शहरी या ग्रामीण कैडर खत्म कर जिले को जोन में बांट दिया जाए और उसके आधार पर तबादले किए जाएं। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह का कहना है कि नगरीय क्षेत्र में शिक्षकों के पद बड़े पैमाने पर खाली हैं। इसलिए अंतर-कैडर तबादले की राह खोलनी जानी चाहिए।


सूत्रों के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग से मुख्यमंत्री कार्यालय को जो तबादले का प्रस्ताव भेजा गया था उसमें कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था और कुछ सुझाव भी आए थे। इसमें एक अहम मसला आकांक्षी जिलों में भी शिक्षकों के लिए तबादले खोलने का था। इस पर सीएम कार्यालय के स्पष्टीकरण मांगने पर विभाग ने कहा था कि इन जिलों में जितने शिक्षक जाएंगे उतने ही आएंगे की पॉलिसी अपनाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार सीएम कार्यालय ने ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में भी तबादले का विकल्प तलाशने को कहा था।