Sunday, September 8, 2019

दिल्ली विवि के कॉलेजो में तदर्थ की जगह अतिथि शिक्षक रखने का शिक्षकों ने किया विरोध , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

दिल्ली विवि के कॉलेजो में तदर्थ की जगह अतिथि शिक्षक रखने का शिक्षकों ने किया  विरोध , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 





दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों को लिखे गए पत्र पर शिक्षकों में जबरदस्त रोष है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि 2019-20 में नए पदों पर अतिथि शिक्षकों को रखा जाए। वहीं, कॉलेजों में चल रहे अतिथि शिक्षकों के साक्षात्कार में उन पदों पर भी इन्हें रखा जा रहा है जो सेवानिवृत्त होने पर रिक्त हुए हैं।

डीयू के शिक्षकों ने कुलपति प्रो. योगेश त्यागी को पत्र लिखा है। विद्वत परिषद के पूर्व सदस्य पंकज गर्ग का कहना है कि जो तथ्य सामने आए हैं, उसके परिणाम बहुत भयंकर होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि 4500 शिक्षक जो कॉलजों में बतौर तदर्थ शिक्षक काम कर रहे हैं, उनको अतिथि शिक्षक में तब्दील करने की पूरी तैयारी है।

षडयंत्र बताया : विद्वत परिषद के सदस्य डॉ. रत्नेश राजन का कहना है कि यह एक षड्यंत्र है, जिसमें विभिन्न कॉलेजों में काम कर रहे तदर्थ शिक्षकों को अतिथि शिक्षक बनाने की तैयारी है। इसकी कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों में काम कर रहे तदर्थ शिक्षकों की भी स्वीकृति अभी तक कुलपति ने नहीं दी है और विभाग के अध्यक्षों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे केवल अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करें। अतिथि शिक्षक केवल उन पदों पर ही रखे जाने चाहिए जो यूजीसी द्वारा अभी अनुमोदित नहीं किया गया है और जहां अतिरिक्त वर्कलोड होता है।

बतादें कि शिक्षक संघ चुनाव से ठीक पहले इस पत्र के जारी होने से तदर्थ शिक्षकों के बीच खलबली मच गई है। कॉलेजों को जबसे यह पत्र मिला है कई कॉलेजों में तदर्थ शिक्षकों को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त *करने के तरीके खोजे जा रहे हैं। इस पत्र को वापस लेने के लिए शिक्षक संघ *ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ 5 सितंबर को प्रदर्शन भी *किया था।



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