Wednesday, September 11, 2019

बड़ी खबर ::: अलीगढ में ‘प्रेरणा’ पर नहीं लगेगी शिक्षकों की हाजिरी , शिक्षक नेताओं के दबाव में बैकफुट पर आया बेसिक शिक्षा विभाग , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

बड़ी खबर ::: अलीगढ में ‘प्रेरणा’ पर नहीं लगेगी शिक्षकों की हाजिरी , शिक्षक नेताओं के दबाव में बैकफुट पर आया बेसिक शिक्षा विभाग , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 




बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी ‘प्रेरणा’ पोर्टल से नहीं लगेगी। शिक्षक नेताओं के विरोध से बेसिक शिक्षा विभाग बैकफुट पर आ गया है। अधिकारियों के अनुसार पहले एप के दूसरे मॉड्यूल लागू किए जाएंगे, हाजिरी को सबसे बाद में लिया जाएगा।
मंगलवार को होटल पामट्री में मीडिया से बातचीत में बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि जब तब बेसिक शिक्षा मजबूत नहीं होगी, आगे नहीं बढ़ सकते। पूर्व में अलग-अलग पोर्टल पर काम किए जा रहे थे, अब सभी को मिलाकर ‘प्रेरणा’ बना दिया गया है। ‘प्रेरणा’ को लेकर शिक्षकों व विभाग के बीच कोई विरोधाभास नहीं है।
नेटवर्क की समस्या: बीएसए ने बताया कि शिक्षकों ने पोर्टल के पांचवें मॉड्यूल (हाजिरी के लिए स्कूल पहुंचकर बच्चों संग सेल्फी भेजने) पर आशंका व्यक्त की थी। शिक्षकों के अनुसार गांव-देहात में इंटरनेट समस्या रहती है, ऐसे में सेल्फी अपलोड न होने पर शिक्षक को गैर हाजिर मानकर कार्रवाई होने लगेंगी। शिक्षकों का उत्पीड़न बढ़ जाएगा।
ये होंगे पोर्टल पर काम: आधारभूत मानकों का अनुश्रवण, मिड-डे मील, क्वालिटी सुपरविजन, स्कूल प्रबंध समिति-गतिविधियां, छात्र मूल्यांकन व शिक्षक, दीक्षा व निष्ठा, शिक्षक-प्रशिक्षक एवं क्षमता संवर्धन संबंधी कार्य को तवज्जो दी जाएगी।
खुद आएंगे अफसरों के बच्चे: बीएसए से पूछा गया कि जिले में अफसर, जनप्रतिनिधि व नेताओं के कितने बच्चे परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे हैं तो वे बोले कोई भी सेवा चुनने के लिए व्यक्ति स्वतंत्र है। हम कैसे दबाव डाल सकते हैं। परिषदीय विद्यालयों में ऐसा बदलाव करने जा रहे हैं कि लोग स्वयं ही बच्चे भेजने की पहल करें। एक साल में ही बदलाव नजर आएगा। बीएसएन ने प्रॉक्सी टीचर (टीचर द्वारा हायर प्राइवेट टीचर) का एक भी मामला सामने न आने का दावा किया। ई-डिस्टिक्ट मैनेजर मनोज राजपूत भी मौजूद रहे।


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