Monday, August 12, 2019

UPPSC PCS J रिजल्ट ::: न्याय व्यवस्था को नई दिशा देगा यंगिस्तान , इस बार चयनित अधिकतर अभ्यर्थी 30 वर्ष से कम आयु के , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

UPPSC PCS J रिजल्ट :::  न्याय व्यवस्था को नई दिशा देगा यंगिस्तान , इस बार चयनित अधिकतर अभ्यर्थी 30 वर्ष से कम आयु के , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 





कुछ दिनों पहले आए लोक सेवा आयोग की पीसीएस जे 2018 भर्ती के परिणाम के दो अच्छे पहलू हैं। अव्वल तो यह कि इस भर्ती में आधे से अधिक पदों (कुल 610 में से 315) पर बेटियों का चयन हुआ। न्यायविदों का मानना है कि न्यायिक जैसी संवेदनशील सेवा के लिए यह सुखद संकेत हैं। दूसरी बात यह है कि इस भर्ती में चयनित काफी अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने काफी कम उम्र और अपने पहले प्रयास में सफलता अर्जित की है।.

हालांकि लोक सेवा आयोग इसका कोई अधिकृत आंकड़ा जारी नहीं करता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादातर चयनित अभ्यर्थी 30 वर्ष से कम आयु के हैं। ये कम उम्र में चयनित ये मेधावी न्यायिक सेवा को नई दिशा देंगे। इविवि विधि संकाय के डीन प्रो. आरके चौबे कहते हैं कि पीसीएस जे के जरिए चुने जाने वाले सिविल जज जूनियर डिवीजन पदोन्नत होकर हाईकोर्ट के जज तक पहुंचते हैं। ये मेधावी कम उम्र में न्यायिक सेवा से जुड़कर न्याय व्यवस्था को और सुचारू करेंगे क्योंकि इन्हें हर स्तर पर न्यायिक सेवा का अच्छा अनुभव प्राप्त होगा। इससे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।.

विधि विभाग के शिक्षक डॉ. हरिबंश सिंह का कहना है कि इविवि विधि संकाय के सभी पाठ्यक्रमों को मिलाकर 65 से अधिक विद्यार्थियों के चयनित होने की जानकारी मिली है। सभी का विधि स्नातक और परास्नातक दोनों पाठ्यक्रमों का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। स्पष्ट है कि एकेडमिक में अच्छा करने वाले न्यायिक सेवा में भी बेहतर करेंगे।.

35 वर्ष ही है अधिकतम आयुसीमा.

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश भर्ती सेवा नियमावली में दसवां संशोधन करते हुए अधिकतम आयुसीमा 40 वर्ष कर दी थी। पीसीएस में न्यूनतम आयुसीमा 21 और अधिकतम 40 वर्ष है लेकिन हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस संशोधन को स्वीकार नहीं किया था। लिहाजा पीसीएस जे में न्यूनतम आयुसीमा 21 और अधिकतम 35 वर्ष है। इसके पीछे भी मंशा न्यायिक सेवा से कम उम्र के अभ्यर्थियों को जोड़ने की है। वैसे इसकी एक और वजह यह भी है कि एडीजे के लिए होने वाली उच्चतर न्यायिक सेवा परीक्षा के लिए आयुसीमा 35 से 40 वर्ष निर्धारित है। पीसीएस और पीसीएस जे में एक और बड़ा अंतर यह भी है कि पीसीएस में अवसर की बाध्यता नहीं है। सामान्य 40 तो आरक्षित वर्ग के प्रतियोगी 45 वर्ष की आयु तक तक परीक्षा देते हैं लेकिन पीसीएस जे में चार अवसर ही मिलते हैं। .



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