Monday, August 19, 2019

खुलासा : सहायता प्राप्त स्कूलों की शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा , फर्जी नियुक्ति पत्र के साथ पकडे गए जालसाज , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

खुलासा : सहायता प्राप्त स्कूलों की शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा , फर्जी नियुक्ति पत्र के साथ पकडे गए जालसाज , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 


माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के फर्जी नियुक्ति पत्र के साथ दो जालसाज पकड़े गए हैं। वे शहर के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में पदभार संभालने पहुंचे थे। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। 

लखनऊ समेत प्रदेश भर में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में फर्जीवाड़े की आशंका भी जताई जा रही है। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने वर्ष 2010 में शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। इस पर लिखित परीक्षा व साक्षात्कार हुए। कुछ अभ्यर्थियों को जिन विद्यालयों में नियुक्ति दी जानी थी, उन्हें पद भरने समेत अन्य कारणों के चलते वहां नियुक्ति नहीं दी जा सकी। बीती जुलाई में इनका समायोजन प्रदेश के दूसरे एडेड स्कूलों में किया गया। 

लखनऊ के दो एडेड स्कूल आदर्श विद्यालय अहमामऊ में अंग्रेजी विषय और कुम्हरावां इंटर कॉलेज में जीव विज्ञान के खाली पद पर दो अभ्यर्थी पद ग्रहण करने पहुंचे। डीआईओएस कार्यालय के स्तर पर इनका सत्यापन कराया गया, जिसमें उनके नियुक्ति पत्र के फर्जी होने का दावा किया गया है। 

1. फर्जी वेबसाइट से सत्यापन किया डीआईओएस कार्यालय की जांच में पता चला कि जालसाजों ने आयोग की वास्तविक वेबसाइट से मिलते जुलते नाम की फर्जी वेबसाइट भी बना रखी है। इसमें फर्जी नियुक्ति पत्रों के साथ आए इन अभ्यर्थियों के नाम दिए गए हैं। चयन बोर्ड ने अभ्यर्थी का ऑनलाइन सत्यापन कराकर ज्वॉइन कराने के निर्देश दिए हैं।
 
2. क्या था मामला लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के मदनपुर गांव की एक छात्रा आठ अगस्त को स्कूल से छुट्टी होने के बाद साइकिल से घर जा रही थी। तभी रास्ते में तीन लड़कों ने उसके साथ छेड़खानी की। इस दौरान लड़कों ने छात्रा की साइकिल मेंटक्कर मार दी। इससे छात्रा बुरी तरह घायल हो गई। उसे सीएचसी लम्भुआ में भर्ती कराया गया। वहां से उसे जिला अस्पताल और फिर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि ट्रॉमा सेंटर में संतोषजनक इलाज न होने पर उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई।

आयोग ने ऑनलाइन सत्यापन के लिए कहा है। जालसाजों ने एक फर्जी वेबसाइट बनाकर सत्यापन की भी व्यवस्था कर दी। दो अभ्यर्थियों को फर्जी नियुक्ति पत्रों से साथ पकड़ा गया है। आयोग को भी कार्रवाई के लिए सूचना भेज दी गई है। - डॉ. मुकेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक .