Monday, August 26, 2019

शिक्षक भर्ती के बाद ही बढ़ेगी इविवि में पीएचडी की सीटें , आधे से अधिक पद है रिक्त , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

शिक्षक भर्ती के बाद ही बढ़ेगी इविवि में पीएचडी की सीटें , आधे से अधिक पद है रिक्त , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 




इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में शिक्षक भर्ती भले ही इस सत्र से शुरू हो जाए लेकिन, पीएचडी की सीटों की संख्या अब अगले सत्र में ही बढ़ सकेगी। शिक्षक भर्ती को इस सत्र में हरी झंडी मिल सकेगी या नहीं, इस पर भी अभी उहापोह की स्थिति है। शिक्षकों की कमी के कारण इविवि में नए रिसर्च की हालत भी खराब है। ऐसे में अगले साल भी इविवि के लिए नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में अपने लिए जगह बना पाना मुश्किल होगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षकों के तकरीबन साढ़े आठ सौ पद सृजित हैं और इनमें आधे से अधिक पद खाली पड़े हैं। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए इविवि प्रशासन की ओर से कई बार विज्ञापन जारी किया जा चुका है लेकिन, कभी आरक्षण रोस्टर तो कभी इविवि में अनियमितता की शिकायत शिक्षक भर्ती के सामने रोड़ा बनकर खड़ी हो गई। पीएचडी की सीटों की संख्या शिक्षकों की संख्या के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। इविवि में हिंदी विभाग में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, सो वहां इस सत्र से पीएचडी की सीटों की संख्या बढ़ गई है लेकिन अन्य विभागों में ऐसा नहीं हो सक्रा।
रसायन विज्ञान विभाग में शिक्षकों की संख्या 50 से अधिक होनी चाहिए लेकिन, पिछले डेढ़ दशक से कोई भर्ती न होने के कारण शिक्षकों की संख्या घटकर स्वीकृत पदों के मुकाबले एक चौथाई रह गई है। इसी तरह बॉटनी विभाग में भी लंबे समय से भर्ती नहीं हुई है। यही हाल इविवि के कई अन्य विभागों का भी है। यही वजह है कि इन विभागों में पीएचडी की सीटों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है और न ही नए शोध हो पा रहे हैं। शिक्षकों की कमी के कारण नए रिसर्च पेपरों का प्रकाशन, नए प्रोजेक्ट पर काम भी काफी धीमे हो गया है। इस बार केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अनियमितता की शिकायत पर इविवि में शिक्षक भर्ती पर रोक लगाई है।
वहीं, अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। मंत्रालय ने जिन बिंदुओं पर इविवि प्रशासन से पूछताछ की थी, उन बिंदुओं पर जवाब तीन माह पहले ही मंत्रालय को भेजा चुका है। इसके बाद भी मंत्रालय ने अब तक शिक्षक भर्ती को लेकर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। शिक्षक भर्ती इस सत्र में शुरू हो सकेगी या नहीं, इस पर भी असमंजस की स्थिति है। अगर शिक्षक भर्ती शुरू नहीं हुई तो इविवि में रिसर्च एवं प्रोजेक्ट्स की हालत और बिगड़ सकती है और इसका सीधे असर इविवि की एनआईआरएफ रैकिंग पर पड़ेगा।



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