Saturday, August 10, 2019

बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों पर नकेल कसने की शासन ने की पूरी तैयारी , सेल्फी से लगानी होगी हाजिरी , शिक्षकों के स्कूल न जाने की शिकायतों पर शासन ने तैयार किया मोबाइल एप , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों पर नकेल कसने की शासन ने की पूरी तैयारी  , सेल्फी से लगानी होगी हाजिरी , शिक्षकों के स्कूल न जाने की शिकायतों पर शासन ने तैयार किया मोबाइल एप , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 






स्कूल न जाने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों पर नकेल कसने की शासन ने पूरी तैयारी कर ली है। शिक्षकों को अपनी तैनाती वाले स्कूल जाकर सेल्फी खींचकर एप पर अपलोड करनी होगी, तभी उनकी उपस्थिति मानी जाएगी। पांच सितम्बर से जिले में यह व्यवस्था प्रभावी होने जा रही है। अनुदेशक, शिक्षामित्रों के लिए भी यह व्यवस्था की गई है।.


मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का ब्योरा पहले से ही फीड है। इसको प्रेरणा एप से जोड़ दिया जाएगा। ये व्यवस्था अभी तो फिलहाल यूपी के तीन जिलों लखनऊ, प्रतापगढ़ और बाराबंकी में शुरू हुई है, लेकिन पांच सितम्बर से प्रदेश के सभी जिलों में लागू होने जा रही है।.

बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात तमाम शिक्षक स्कूल नहीं जा रहे हैं। कुछ बीईओ से सेटिंग करके स्कूल नहीं जाते हैं तो कुछ अपनी राजनीतिक पहुंच के कारण समय पर स्कूल नहीं जाते। शिक्षक संघ पदाधिकारी भी इसमें शामिल हैं। जब कभी जांच होती है तो इनको पहले से ही पता चल जाता है उस दिन स्कूल पहुंच जाते हैं। .

शिक्षकों के नियमित स्कूल न जाने से आने वाली लगातार शिकायतों से विभाग की किरकिरी हो रही है। इसको लेकर विभाग ने अब तकनीक के माध्यम से शिक्षकों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। विभाग ने एक प्रेरणा एप तैयार कराया है। सभी शिक्षकों को अब रोज स्कूल पहुंचकर सुबह सेल्फी खींचकर इस एप पर अपलोड करनी होगी। .

अक्षांश और देशांतर के माध्यम से एप अपने आप तैनाती वाले स्कूल की लोकेशन ट्रेस कर लेगा। सेल्फी न भेजने वाले दिन छुट्टी चढ़ जाएगी। अभी यह व्यवस्था लखनऊ, प्रतापगढ़ व बाराबंकी में चल रही है। पांच सितम्बर से पूरे प्रदेश के सभी जिलों में लागू हो रही है।.

तीन बार भेजनी होगी सेल्फी.

बताया जाता है कि हेड टीचर को तीन बार सेल्फी खींचकर डालनी होगी। इसमें सुबह प्रार्थना सभा के समय ऐसी सेल्फी डालनी होगी जिसमें सभी बच्चे दिख रहे हों। सेल्फी में आए बच्चों की संख्या भी एप काउंट कर लेगा। इसके बाद दोपहर में एमडीएम खाने के समय भी बच्चों की सेल्फी डालनी होगी और स्कूल में छुट्टी के समय भी सेल्फी खींचनी होगी। खास यह है कि एप में जीओ, जीपीएस सिस्टम है। इससे लोकेशन खुद ही अपडेट हो जाएगा। .

इनकी भी होगी आईडी.

बताया जाता है कि हेड टीचर के अलावा, सहायक शिक्षकों, अनुदेशकों और शिक्षामित्रों की आईडी भी इस एप पर होगी। इन सभी को भी स्कूल पहुंचकर अपनी सेल्फी खींचकर भेजनी होगी। सेल्फी न भेजने पर इनकी अनुपस्थिति चढ़ जाएगी और मानदेय व वेतन कट जाएगा।.

प्रेरणा एप के बारे में शिक्षकों को बताया गया है। शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचकर सेल्फी खींचकर इस एप पर अपलोड करनी होगी। इससे शिक्षकों की उपस्थिति के साथ ही बच्चों की उपस्थिति भी चेक हो जाएगी। पांच सितम्बर से जिले के सभी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। अभी तीन जिलों लखनऊ, प्रतापगढ़, बाराबंकी में चल रही है।.

बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए .