Sunday, August 4, 2019

अक्टूबर महीने में प्रस्तावित यूपी टीईटी परीक्षा में इस बार डीएलएड-बीएड प्रथम सेमेस्टर वाले भी होंगे शामिल , सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शामिल होने का रास्ता हुआ साफ़ , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

अक्टूबर महीने में प्रस्तावित यूपी टीईटी परीक्षा में इस बार डीएलएड-बीएड प्रथम सेमेस्टर वाले भी होंगे शामिल , सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शामिल होने का रास्ता हुआ साफ़ , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 





अक्टूबर में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) में इस बार डीएलएड और बीएड प्रथम सेमेस्टर वाले प्रशिक्षु भी सम्मिलित होंगे। परसुइंग/अपीयरिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट के 16 जुलाई के आदेश ने इन प्रशिक्षुओं के परीक्षा में शामिल होने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय एलनगंज को नियमों में संशोधन करना होगा।.

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि परसुइंग शब्द का अर्थ है एक व्यक्ति जो शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स में एडमिशन ले चुका है अर्थात प्रशिक्षणरत है। परीक्षा परिणाम की घोषणा, परीक्षा में भाग लेना या फॉर्म भरने की अंतिम तिथि आदि टीईटी में भाग लेने के मापदंड नही हो सकते। इसलिए एक उम्मीदवार जो शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स कर रहा है वो टीईटी में बैठने के लिए पात्र होगा।.

हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 30 मई 2018 के आदेश में माना था कि टीईटी का परिणाम घोषित होने से पहले टीचर ट्रेनिंग (डीएलएड या बीएड आदि) का परिणाम आ जाना चाहिए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यहा राइडर उचित नहीं माना है। लिहाजा टीईटी की गाइडलाइन में डीएलएड या बीएड आदि शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स की अंतिम वर्ष की बाध्यता केंद्र व राज्य सरकारों को हटानी होगी। .