Wednesday, August 14, 2019

बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में एप से हाजिरी का आदेश निगलते बन रहा है न उगलते , व्यावहारिक सवालों के जवाब मांग रहे हैं शिक्षक , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में एप से हाजिरी का आदेश निगलते बन रहा है न उगलते , व्यावहारिक सवालों के जवाब मांग रहे हैं शिक्षक , क्लिक करे और पढ़े  पूरी पोस्ट 

 




एक तरफ स्कूल के समय में मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक, दूसरी तरफ हाजिरी से लेकर मिड डे मील तक की मॉनटरिंग मोबाइल के मार्फत...। बेसिक शिक्षा विभाग में एक के बाद एक आ रहे विरोधाभासी आदेशों से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है। एकीकृत पोर्टल ‘प्रेरणा'पर सेल्फी और फोटो से हाजिरी की प्रक्रिया की शुरुआत होने से पहले ही इस पर सवाल उठने लगे हैं। इस पोर्टल को 5 सितम्बर से पूरे प्रदेश में शुरू किया जाना है। .

बीते महीने लगी थी रोक: जुलाई में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने स्कूल के समय में सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी। उन्होंने कहा था कि स्कूल के समय में यदि कोई अध्यापक सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए पाया गया या मोबाइल डाटा खुला मिला तो कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आदेश जारी कर बर्खास्तगी की चेतावनी दे डाली थी। .

अध्यापकों और बच्चों की हाजिरी के लिए अलग-अलग फोटो: इसके एक महीने बाद तस्वीर बदल चुकी है। अब शिक्षकों और बच्चों की हाजिरी के लिए अलग-अलग फोटो अपलोड करनी होगी। मिड डे मील खाते हुए भी फोटो भेजनी होगी। एक स्कूल के सभी शिक्षक एक साथ अपनी फोटो लेकर अपलोड करेंगे और एप पर सभी शिक्षकों के नाम के आगे उपस्थित या अनुपस्थित आइकॉन पर टिक करेंगे। अभी यह कानपुर नगर, बाराबंकी, लखनऊ के एक-एक ब्लॉक में लागू किया गया है। लखनऊ में सरोजनीनगर में लागू किया गया है। .

शिक्षक परेशान न हो। फोटो अपलोड करते समय यदि नेटवर्क नहीं है तो कोई दिक्कत नहीं होगी। जब भी फोन में नेटवर्क आएगा तब उसका भेजा ब्यौरा एप पर आ जाएगा। इसमें समय वही दिखेगा। .

विजय किरन आनंद, विशेष सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग.


इस एप के माध्यम से हाजिरी लिया जाना नितांत अव्यावहारिक है। शिक्षक इसका विरोध करेंगे। 20 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर इसका विरोध करते हुए ज्ञापन सौंपा जाएगा। .

संतोष तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर संघ .

' यदि बाकी अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य जगहों पर हाजिरी के लिए इस तरह की व्यवस्था नहीं है तो शिक्षकों पर ही यह व्यवस्था क्यों?.

' शिक्षकों का कहना है कि लखनऊ के आसपास के गांवों में नेटवर्क की समस्या है। ऐसे में प्रदेश में हाजिरी इस ऐप के जरिये लेना अव्यावहारिक है। .

' स्कूल के समय में 3-4 बार फोटो लेना और इसके बाद वह एप पर अपलोड न हो, फोन हैंग हो जाए तो शिक्षक का समय बेकार में नष्ट होगा। .

' वह टैबलेट यदि स्कूल में रखा जाएगा तो सबसे पहले इसके चोरी होने का डर रहेगा। गांव में या स्कूल में बिजली न हो तो चार्जिंग भी बड़ी समस्या रहेगी। .

' यदि टैबलेट प्रधानाध्यापक लेकर जाएगा और वह किसी दिन किसी वजह से देर से स्कूल पहुंचेगा तो बाकियों की हाजिरी कैसे लगेगी?.

व्यवस्था पर सवाल.

' 5 सितम्बर से प्रदेश में लागू होना है प्रेरणा एप .

' अन्य कामों के अलावा हाजिरी भी ली जाएगी इसी एप से.



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