Wednesday, August 21, 2019

68500 शिक्षक भर्ती :: नौ अभ्यर्थियों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा गया , 41556 अभ्यर्थियों में शामिल होने के बाद भी नियुक्ति से थे वंचित , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

68500 शिक्षक भर्ती :: नौ अभ्यर्थियों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा गया , 41556 अभ्यर्थियों में शामिल होने के बाद भी नियुक्ति से थे वंचित , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 






प्रदेश केपरिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में कोर्ट के आदेश के बाद सफल घोषित नौ अभ्यर्थियों की नियुक्ति का प्रस्ताव शासन के पास भेज दिया गया है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से दोबारा मूल्यांकन के बाद सफल अनिरूद्घ नारायण शुक्ला सहित अन्य नौ अभ्यर्थियों की नियुक्ति का प्रस्ताव शासन के पास भेज दिया गया है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से दोबारा मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियों की सूची भेजने में देरी के चलते इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो पा रही थी। अब सचिव बेसिक परिषद की ओर से नियुक्ति का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद साल भर से कोर्ट और कार्यालय का चक्कर लगा रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से दोबारा मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियों के साथ 68500 शिक्षक भर्ती के पदों के सापेक्ष सफल 41556 अभ्यर्थियों में निवास प्रमाण पत्र और किसी अन्य कारण से नियुक्ति पाने से वंचित रह गए चयनित शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी शासन के पास भेज दिया गया है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह की ओर से इस बारे में कहा कि इन अभ्यर्थियों को पूर्व में आवंटित जिले में ही नियुक्ति दी जाए। 68500 शिक्षक भर्ती के परिणाम घोषित होेने की तिथि 13 अगस्त के एक वर्ष बाद भी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की लेट-लतीफी के चलते इन अभ्यर्थियों को अभी नियुक्ति नहीं मिल सकी।
हाईकोर्ट की ओर से बार-बार आदेश के बाद भी सचिव परीक्षा नियामक की ओर से परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के अंक बेसिक शिक्षा परिषद को उपलब्ध नहीं कराने के चलते नियुक्ति प्रक्रिया फंस गई। परिषदीय स्कूलों के लिए पहली बार सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से लिखित परीक्षा कराई गई, परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के चलते परीक्षा में पास होने के बाद लगभग चार हजार अभ्यर्थियों को चयन से बाहर कर दिया। कोर्ट के आदेश पर दोबारा मूल्यांकन के बाद इन अभ्यर्थियों को नौकरी मिल सकी जबकि कोर्ट के आदेश के बाद मूल्यांकन में सफल होने के बाद भी सचिव परीक्षा नियामक की मनमानी के चलते कोर्ट के आदेश के बाद भी अनिरूद्घ शुक्ला सहित अन्य को भटकना पड़ा। एक अगस्त को 15 दिन के भीतर इन अभ्यर्थियों का अंकपत्र बेसिक शिक्षा परिषद को उपलब्ध कराने के कोर्ट के आदेश के बाद भी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी 19 अगस्त को इन परीक्षार्थियों के अलग-अलग अंक बेसिक शिक्षा परिषद को भेज सके।



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