Monday, August 19, 2019

नौकरियों में खाली पदों पर माया ने उठाए सवाल , प्रदेश में 3 लाख से ज्यादा पद खाली , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

नौकरियों में खाली पदों पर माया ने उठाए सवाल , प्रदेश में 3 लाख से ज्यादा पद खाली , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 




लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर सभी वर्गों को साधने की कोशिशें शुरू कर दी है। रविवार को ट्वीट कर मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों में आरक्षण कोटे के खाली पड़े लाखों पदों को भरने की मांग उठाई है। मायावती ने कहा कि इन पदों को विशेष अभियान चलाकर भरा जाना चाहिए, जिससे एससी, एसटी, ओबीसी और अपर कास्ट के करोड़ों गरीबों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।

ट्वीट के जरिए सियासी समीकरण साधने की कोशिश : दरअसल सरकारी नौकरियों में खाली पदों को भरे जाने की मांग को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती के ट्वीट के राजनीतिक मायने भी है। विश्लेषकों का कहना है कि ऑटो सेक्टर और रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट के बाद   बड़े पैमाने पर प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां जाने का खतरा मंडरा रहा है। कुछ ऑटो कंपनियों ने तो कर्मचारियों को नौकरी से निकालना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में सरकारी नौकरियों को भरे जाने की मांग उठाकर बसपा सुप्रीमो की कोशिश लाखों बेरोजगार युवकों का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहती हैं। जानकार मानते हैं कि अगर मंदी गहराती है और दूसरे सेक्टरों में भी युवाओं की नौकरियां जाती हैं तो विपक्ष के लिए यह बड़ा मुद्दा हो सकता है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी के मुताबिक अकेले राज्य सरकार में समूह ख और ग के 3 लाख से ज्यादा पद खाली हैं। अकेले इन पदों पर भर्ती कर दी जाए तो लाखों युवाओं को नौकरी मिल सकती है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भी 80 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली हैं। अभी राज्य सरकार इन पदों पर आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों से काम चला रही है। इसके अलावा केंद्र में भी 6 लाख से ज्यादा पद खाली हैं।