Thursday, July 11, 2019

UPPSC ::: आयोग में अभ्यर्थियों की समस्याओं का तुरंत समाधान शुरू , लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने प्रतियोगी छात्रों से मुलाकात की , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

UPPSC ::: आयोग में अभ्यर्थियों की समस्याओं का तुरंत समाधान शुरू , लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने प्रतियोगी छात्रों से मुलाकात की , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 




उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने कार्यभार ग्रहण करने के नौंवे दिन आयोग के गेट प्रतियोगी छात्रों के लिए खोल दिए। बुधवार को दोपहर तीन बजे से प्रतियोगी छात्रों से मुलाकात की। शुरुआत में ई-मेल से आवेदन कर समय लेने वाले अभ्यर्थियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई लेकिन इस बीच अभ्यर्थियों के बढ़ते दबाव पर अन्य लोगों से भी आयोग अध्यक्ष ने मुलाकात की। .

खास बात यह कि अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी। उदाहरण के तौर पर देवरिया से आए एसटी वर्ग के अरविन्द कुमार के सत्यापन के लिए अध्यक्ष ने तत्काल अपने रिकॉर्ड से फाइल निकलवाकर देखी और डीएम देवरिया को फोन लगाकर स्थिति की जानकारी ली। अरविन्द को भरोसा दिलाया कि जल्द ही सत्यापन कराकर प्रकरण हल करेंगे। अरविन्द ने प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रवक्ता विद्युत अभियंत्रण की भर्ती के लिए आवेदन किया था। इसमें सफल 41 अभ्यर्थियों का परिणाम 15 फरवरी 2019 को घोषित हुआ था। अन्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी मिल गई लेकिन अरविन्द को ज्वाईिंनग नहीं मिली थी। इसी समस्या को लेकर अरविन्द अध्यक्ष से मिलने गए थे। .


1. नैनी के प्रतियोगी छात्र पंकज आनंद ने पर्यटन अधिकारी और राज्य संपत्ति विभाग में व्यवस्थापक अधिकारी की सीधी भर्तियों पर सवाल उठाए। कहा कि साक्षात्कार के लिए चयन सूची किस आधार पर बनाई गई बताई जाए। उनका दावा है कि पर्यटन अधिकारी के लिए शीर्ष दो स्थान पर जिन अभ्यर्थियों का नाम है उनके स्नातक में 100 प्रतिशत नंबर है जो कि संभव नहीं।

2. पीसीएस 2017 के अभ्यर्थी अभिषेक सिंह ने पीसीएस में वैकल्पिक विषय सोशल वर्क और डिफेंस में अधिक अंक मिलने का मुद्दा उठाया। कहा कि इन दो विषयों में अधिक अंक मिलते हैं। जबकि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में दोनों विषय नहीं है। इस कारण पीसीएस की तैयारी करने वाले छात्र मजबूरी में सोशल वर्क या डिफेंस की पढ़ाई करते हैं ताकि चयन हो सके।

3. पीसीएस 2018 प्रारंभिक परीक्षा की उत्तरकुंजी के मामले में मनोज कुमार मिश्र ने अपनी बात रखी। मनोज ने बताया कि आयोग ने पीसीएस-2018 प्री से पहली बार नेगेटिव मार्किंग शुरू की थी। आयोग की ओर से पहले जो उत्तरकुंजी जारी की उसमें दो प्रश्न के दो-दो विकल्प सही थे जबकि बाद जारी संशोधित उत्तरकुंजी में चार प्रश्नों के दो-दो सवाल सही थे।