Friday, July 26, 2019

शिक्षामित्रों के समायोजन निरस्त के दो साल पुरे , शिक्षामित्रो ने मनाया काला दिवस , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

शिक्षामित्रों के समायोजन निरस्त के दो साल  पुरे , शिक्षामित्रो ने मनाया काला दिवस , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 





शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के दो वर्ष पूरे होने पर शिक्षामित्र संघ ने 25 जुलाई को काली दिवस मनाया। 25 जुलाई 2017 को ही सुप्रीम कोर्ट ने कई साल से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षामित्रों का प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर हुआ समायोजन रद्द कर दिया था। समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्र भुखमरी के शिकार हैं। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय आह्वान पर शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में रह काली पट्टी बांध कर काला दिवस मनाया। संघ के जिलाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि सरकारी की हीलाहवाली से शिक्षामित्रों में निराशा बढ़ रही है। बढ़ती उम्र के कारण अधिकांश शिक्षामित्रों के बच्चे माध्यमिक और उच्च शिक्षा स्तर की कक्षाओं में पढ़ रहे है, इतना ही नही 10 प्रतिशत शिक्षामित्र नाना और दादा बन गए है। पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उनके स्वास्थ्य में गिरावट हो रही है, वह आर्थिक तंगी के शिकार हैं। प्रदेश सरकार शराब पीकर मरने वालों को सरकारी मदद और संवेदनाएं दिखाती है, परंतु 19 वर्ष से प्राथमिक विद्यालयों में काम कर रहे शिक्षामित्रों केलिए कुछ भी नहीं। संघ के जिला संरक्षक सुरेन्द्र पांडेय ने बताया कि सरकार के साथ विभागीय अधिकारी भी उपेक्षा कर रहे है। सरकार ने मूल विद्यालय वापसी के साथ ससुराल के नजदीक के विद्यालय में महिलाओं को मौका दिए जाने की राजाज्ञा जारी की है, लेकिन जिले में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी की उदासीनता के चलते लगभग 1000 महिला आवेदकों को शासनादेश का लाभ नही मिल सका है। जिले में ग्रांट आने के बाद भी मानदेय में विलम्ब हो रहा है।