Sunday, July 14, 2019

संविदा कर्मियों ने मांगा सुरक्षित नौकरी का हक , सरकार ठोस कदम उठाए, नीति बनाए , प्रदेश के 35 से अधिक जनपदों से आए कर्मचारियों ने बैठक की , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

संविदा कर्मियों ने मांगा सुरक्षित नौकरी का हक , सरकार ठोस कदम उठाए, नीति बनाए , प्रदेश के 35 से अधिक जनपदों से आए कर्मचारियों ने बैठक की , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 






पूरे प्रदेश में संविदा और आउटसोर्सिंग का खुलेआम शोषण हो रहा है। शासन-प्रशासन स्तर पर आला अफसर हर बात को जानते हुए भी अनजान बन जाते हैं। आए दिन मैनपॉवर मुहैया कराने वाली कंपनियां बदली जाती है, जो कि कर्मचारियों के हक का वेतन, ईपीएफ, ईएसआई में धांधली कर उसे हड़प लेती हैं। इसलिए कर्मचारियों को सुरक्षित नौकरी का हक मिले। यह मांग शनिवार को संविदा कर्मचारियों ने प्रमुखता से उठाई। .

35 जनपदों से आए कर्मचारी: भारतीय संविदा आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ के बैनर तले शनिवार को दारुलशफा में 35 जनपदों से आए कर्मचारियों ने बैठक की। इसकी अध्यक्षता कर रहे संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार मिश्रा ने कहा कि 35 जिलों की इकाई का गठन हो चुका है। बैठक में प्रदेश के सभी विभागों में हो रहे कर्मचारियों के उत्पीड़न, बेहद कम वेतन, ईपीएफ व ईएसआई में धांधली और नौकरी के नाम पर एजेंसी द्वारा धन उगाही के मुद्दे पर चर्चा हुई। सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर मांग की कि हम लोगों को सुरक्षित नौकरी की जरूरत है। आए दिन एजेंसी द्वारा या जनपद के कुछ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं। तीन से छह माह तक कर्मचारियों का वेतन बकाया रहता है। जबकि एजेंसी को महकमे से पूर्व में ही पूरा भुगतान कर दिया जाता है। .

सच्चिदानंद मिश्रा ने कहा कि इन समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार को जल्द ही ठोस कदम उठाना चाहिए। ऐसा नियम बनाया जाए कि एजेंसी बदलने पर भी विभाग के कर्मचारी न हटाए जाएं। शासन में बन रही आउटसोर्सिंग नियमावली जल्द से जल्द लागू की जाए। आउटसोर्सिंग की भर्तियों में पारदर्शिता लाई जाए। कर्मचारियों को पद और डिग्री के अनुसार वेतन का निर्धारण हो। अक्टूबर या नवंबर माह में लखनऊ में बड़ा आंदोलन या धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। बैठक में महामंत्री कुमारी रीना, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार पासवान, संजय कुमार शुक्ला, अभिलेख कुमार वर्मा, अनीश गुप्ता, सच्चिदानंद मिश्रा ने संबोधित किया। .

सच्चिदानंद मिश्रा ने कहा कि इन समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार को जल्द ही ठोस कदम उठाना चाहिए। ऐसा नियम बनाया जाए कि एजेंसी बदलने पर भी विभाग के कर्मचारी न हटाए जाएं। शासन में बन रही आउटसोर्सिंग नियमावली जल्द से जल्द लागू की जाए। आउटसोर्सिंग की भर्तियों में पारदर्शिता लाई जाए। कर्मचारियों को पद और डिग्री के अनुसार वेतन का निर्धारण हो। अक्टूबर या नवंबर माह में लखनऊ में बड़ा आंदोलन या धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। बैठक में महामंत्री कुमारी रीना, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार पासवान, संजय कुमार शुक्ला, अभिलेख कुमार वर्मा, अनीश गुप्ता, सच्चिदानंद मिश्रा ने संबोधित किया। .