Sunday, July 7, 2019

बीएड डिग्री धारक शिक्षक की बर्खास्तगी पर कोर्ट ने लगायी रोक , आगरा यूनिवर्सिटी से 2004 में की थी बीएड , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

बीएड डिग्री धारक शिक्षक की बर्खास्तगी पर कोर्ट ने लगायी रोक , आगरा यूनिवर्सिटी से 2004 में की थी बीएड , क्लिक करे  और पढ़े पूरी पोस्ट 




प्रयागराज। हाईकोर्ट ने बीआर अम्बेडकर विविद्यालय, आगरा से बीएड की डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक की बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगा दी है। अम्बेडकर विविद्यालय की बीएड डिग्री धारक करीब 4500 अभ्यर्थियों की डिग्रियां फर्जी निकलने की एसआईटी की रिपोर्ट पर अध्यापक को बर्खास्त किया गया था। कोर्ट ने कहा कि शिक्षक की बर्खास्तगी में कानूनी नियमों का पालन नहीं किया गया है। शाहजहांपुर के अलकेश पांडेय की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने दिया है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि वर्ष 2005 में बीआर अम्बेडकर विवि के 4500 से अधिक अभ्यर्थियों की डिग्रियां फर्जी पाये जाने की जांच एसआईटी को सौंपी गयी थी। एसआईटी ने जांच के बाद सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को एक सीडी सौंपी, जिसमें फर्जी पाये गये अभ्यर्थियों के नाम भी थे। याची का नाम भी इस सीडी में था। वह शाहजहांपुर में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त था। बीएसए शाहजहांपुर ने सिर्फ सीडी में नाम होने के आधार पर याची का वेतन रोक दिया और रिकवरी का आदेश दे दिया। हाईकोर्ट ने बीएसए के आदेश पर रोक लगाते हुए नियमानुसार जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्रवाई करने के लिए कहा। इसके बावजूद याची को 22 जून, 2019 को बिना पक्ष रखने का मौका दिये बर्खास्त कर दिया गया तथा उसके खिलाफ रिकवरी और प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया। अधिवक्ता का कहना था कि बीएसए द्वारा की गयी कार्रवाई में बेसिक एजूकेशन स्टाफ रूल्स 1973 और सरकारी सेवक (दंड एवं अपील) नियमावली का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने बीएसए के आदेश पर रोक लगाते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के लिएकहा है।