Saturday, June 8, 2019

चकबंदी लेखपाल भर्ती घोटाला :: पहले ही तय थे उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों के नाम , जांच में खुलासा , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

चकबंदी लेखपाल भर्ती घोटाला :: पहले ही तय थे उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों के नाम , जांच में खुलासा , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




चकबंदी लेखपालों की भर्ती और पदोन्नति में हुई धांधली के बारे में सीओ हजरतगंज अभय मिश्रा ने बताया कि फर्जीवाड़े में चकबंदी मुख्यालय के टंकण सहायक अशोक यादव की बड़ी भूमिका थी। .

पत्नी से बात करके फंसा
इस मामले से संबंधित मुकदमे की जांच में उजागर हुआ कि गिरफ्तार अशोक यादव अपर संचालक सुरेश यादव का करीबी था। चयन समिति का कर्ताधर्ता होने के बल पर सुरेश यादव ने अशोक को टंकण विशेषज्ञ के रूप में परीक्षा नियंत्रक का जिम्मा सौंप दिया था। अशोक ने पूछताछ में बताया कि सुरेश यादव व चयन समिति के अन्य सदस्यों ने उसे पहले से ही उन 70 चपरासियों के नाम की सूची सौंप दी थी, जिन्हें परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित करना था। .

इस घोटाले का खुलासा होने पर सरकार ने चकबंदी आयुक्त शारदा सिंह और तत्कालीन अपर संचालक चकबंदी सुरेश सिंह यादव को निलम्बित कर दिया था। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्बंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। .

20 हजार रुपये प्रति अभ्यर्थी मिले थे :अशोक ने पुलिस के सामने कबूला कि अपर संचालक सुरेश यादव ने उसे इस काम के बदले में प्रति अभ्यर्थी 20 हजार रुपये देने का वादा किया था। वादे के मुताबिक परीक्षा से पहले ही उसे 70 लोगों को उत्तीर्ण करने के एवज में 14 लाख रुपये मिल गए थे। अशोक ने पुलिस को बताया इसमें से 2 लाख 70 हजार रुपये उसने खर्च कर दिए जबकि शेष रुपये उसके घर में सुरक्षित रखे हैं। इसके बाद पुलिस टीम अशोक यादव को साथ लेकर सरोजनीनगर के बिजनौर स्थित उसके घर ले गई। जहां से पुलिस ने 11.30 लाख रुपये बरामद कर लिए।.

अधिकारियों के मुताबिक अशोक को इस बात की भनक थी कि पुलिस को उसका कच्चा-चिट्ठा हाथ लग गया है। यही वजह है कि वह अपना मोबाइल नंबर बंद करके फरार चल रहा था। उसने करीबियों व घरवालों से बात करने के लिए नया सिम कार्ड खरीदा था। शुक्रवार सुबह उसने पत्नी के नंबर पर कॉल की और जांच टीम के रडार पर आ गया। पुलिस ने उसे बापू भवन तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। .

सुरेश यादव की मुश्किलें बढ़ीं: इससे पहले हजरतगंज पुलिस ने गोरखपुर के कैंपियरगंज स्थित धरमपुर गांव निवासी योगेंद्र की तहरीर पर सुरेश सिंह यादव के खिलाफ शुक्रवार को मुकदमा दर्ज किया था। योगेंद्र का आरोप था कि चकबंदी विभाग की एक पत्रवली का निस्तारण करने के एवज में सुरेश ने उससे रुपयों की मांग की। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शनिवार को सुरेश यादव को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के मुताबिक अशोक यादव की गिरफ्तारी और घोटाले के रुपये बरामद होने के बाद सुरेश की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। .

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