Wednesday, May 15, 2019

कुर्सी की लड़ाई में फंसा शिक्षकों का वेतन ,कार्यवाहक प्राचार्य की नियुक्ति से वेतन का रास्ता साफ

कुर्सी की लड़ाई में फंसा शिक्षकों का वेतन

कार्यवाहक प्राचार्य की नियुक्ति से वेतन का रास्ता साफ





इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध यूइंग क्रिश्चियन कालेज (ईसीसी) में प्राचार्य की कुर्सी के लिए लड़ाई का खामियाजा स्कूल के शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। विवाद के चलते पिछले दो माह से शिक्षकों के वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। ऐसे में शिक्षकों ने इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू और बिशप डॉ. पीटर बलदेव से वेतन जारी कराने की मांग की है।
विवादों में घिरे रहने वाले ईसीसी में शिक्षकों का वेतन पिछले दो माह से रुका हुआ है। दरअसल, महाविद्यालय के प्राचार्य रहे डॉ. मरविन मैसी गत 16 जुलाई को रिटायर हो गए। इसके बाद प्रबंधन ने डॉ. मरविन मैसी की प}ी डॉ. पीएस मैसी को उप प्राचार्य नियुक्त करते हुए प्राचार्य के कार्यभार संभालने का जिम्मा सौंपा। लेकिन उनकी योग्यता पर सवाल उठने पर इविवि प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई। 

मामले में इविवि प्रशासन जगदंबा सिंह की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अगस्त माह में ईसीसी की गवर्निग बॉडी भंग कर दी गई। इसके बाद इविवि प्रशासन ने डॉ. एडिम डेविड को प्राचार्य बना दिया। 22 दिसंबर को डॉ. डेविड ने प्रबंधन के दबाव में आकर इस्तीफा दे दिया। इसके बाद गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह को प्राचार्य नियुक्त किया गया।
ईसीसी प्रबंध तंत्र इविवि प्रशासन के खिलाफ कोर्ट गया। इसके बाद विवि प्रशासन ने डॉ. आरपी सिंह की नियुक्ति वापस ले ली। 16 जनवरी को डॉ. आरपी सिंह प्राचार्य पद से हट गए। इस बीच तकरीबन 40 दिन तक ईसीसी बिना प्राचार्य के रहा।

 इसके बाद विवि प्रशासन ने डॉ. एडिम डेविड को पुन: प्राचार्य बनाया। नौ मार्च को कोर्ट के आदेश से गवर्निग बॉडी बहाल कर दी गई। इसके बाद प्रबंध तंत्र ने डॉ. मैसी को उप प्राचार्य पद पर बहाल करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य का भी पदभार दे दिया। इविवि प्रशासन ने यूजीसी रेगुलेशन के तहत न्यूनतम अर्हता न होने के कारण नियुक्ति की अनुमति नहीं दी।

 ऐसे में ईसीसी के शिक्षकों का वेतन नहीं मिला। ईसीसी के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एवं ऑक्टा के महासचिव उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि दो माह से वेतन न मिलने से परेशानी हो रही है।
ईसीसी में 16 जुलाई को प्राचार्य के रिटायर होने के बाद बढ़ गया विवाद, वर्तमान प्राचार्य की योग्यता पर उठ रहे सवाल
प्रयागराज : ईसीसी में मंगलवार को शिक्षक संघ की बैठक सांख्यिकी विभाग में संघ के अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह की अध्यक्षता में हुई। शिक्षकों ने कहा कि प्रबंध तंत्र और इविवि प्रशासन की लड़ाई में शिक्षक पिस रहे हैं। संघ ने दो दिन में वेतन न जारी करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

 इस बीच प्रबंध तंत्र का विश्वविद्यालय के कुलपति को भेजा गया पत्र शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने पढ़ा। इसमें प्रबंध तंत्र के चेयरपर्सन ने कुलपति से अनुरोध किया था कि प्राचार्य डॉ. पीएस मैसी की अर्हता यदि नहीं है तो डॉ. अरुण एस मोसेस को कार्यवाहक प्राचार्य बनाया जाए।

 पूर्व अध्यक्ष डॉ आरपी सिंह का कहना था कि प्रबंध तंत्र स्पष्ट रूप से विश्वविद्यालय शासन को एक अर्ह प्राचार्य नियुक्त कर अनुमोदन के लिए भेजे। बैठक के दौरान ही प्रबंध तंत्र की ओर से एक और पत्र आया, जिसमें वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण मोसेस को कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया गया। ऐसे में वेतन का रास्ता साफ होने के आसार हैं।

 बैठक में महाविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव डॉ. थॉमस अब्राहम, डॉ. जस्टिन मसीह, डॉ. शिवभानु सिंह, डॉ. विवेक कुमार निगम, डॉ. आशिमा घोष, डॉ. सोनाली चतुर्वेदी, डॉ. विवेक भदौरिया, डॉ. शिखी सहाय, डॉ. मंजू तिवारी, डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव आदि रहे।

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