Monday, April 8, 2019

रेलवे ग्रुप डी शारीरिक दक्षता परीक्षा में बालू भरी बोरी लेकर दौड़ी महिलाये , आधे से ज्यादा अभ्यर्थी हुई बाहर , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

रेलवे ग्रुप डी शारीरिक दक्षता परीक्षा में बालू भरी बोरी लेकर दौड़ी  महिलाये , आधे  से ज्यादा अभ्यर्थी हुई बाहर , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




रेलवे में सबसे छोटी नौकरी पाने की चाह में रविवार को ग्रुप डी की शारीरिक परीक्षा में तमाम ऐसी महिला अभ्यर्थी पहुंचीं जो उच्च शिक्षित रहीं। गैंगमैन, प्वाइंटमैन, खलासी जैसे पद, जिसमें अमूमन पुरुष ही रेलवे में काम करते हुए दिखाई देते हैं, डीएसए ग्राउंड में इन पदों के लिए एमएससी, बीएससी पास तमाम महिला अभ्यर्थी नौकरी पाने की लाइन में दिखीं। तपती दुपहरी में नौकरी के लिए महिला अभ्यर्थी रेत से भरी 20 किलो की बोरी लेकर दौड़ीं। इसमें सफलता मिली तो एक हजार मीटर की रेस में आधी से ज्यादा महिला अभ्यर्थी बाहर हो गईं। रेस पूरी न कर पाने का मलाल तमाम महिला अभ्यर्थियों के चेहरे पर भी दिखा। रेलवे ग्रुप डी के विभिन्न पदों की शैक्षिक योग्यता दसवीं पास है, लेकिन इन पदों के लिए पुरुष अभ्यर्थियों के जैसे ही तमाम महिला अभ्यर्थी ऐसी रहीं जो आईटीआई, डिप्लोमा, बीएड और एमएससी पास रहीं। बिहार के आरा से आईं राजलक्ष्मी एमएससी पास हैं। नौकरी नहीं मिली तो रेलवे में ग्रुप डी के लिए आवेदन कर दिया। लिखित परीक्षा पास करने के बाद उम्मीद जगी कि वह अब शारीरिक दक्षता परीक्षा भी पास कर लेंगी।

डीएसए ग्राउंड में राजलक्ष्मी के साथ ही बीएड कर रहीं झांसी की रितिका जैन, ललितपुर की बीएससी पास नेहा पटेल, मेरठ की बीएससी पास मनीषा तोमर समेत तमाम महिला अभ्यर्थी एक हजार मीटर की रेस में दौड़ीं लेकिन, इसमें से 50 फीसदी से कम महिला अभ्यर्थी सफल हो सकीं। रेस पूरी न कर पाने का मलाल तमाम महिला अभ्यर्थियों के चेहरे पर दिखा। बिहार से आई पूनम ने कहा कि इस बार नाकामी मिली। अब ओवर एज हो जाने की वजह से अब कई महिला अभ्यर्थी आगे रेलवे की परीक्षा नहीं दे सकेंगी। 

इस बीच ग्रुप डी की शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए आरआरसी की ओर से 459 महिला अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इसमें 323 महिला अभ्यर्थी ही शारीरिक दक्षता परीक्षा में शिरकत करने के लिए पहुंचीं। इसमें से 166 महिला अभ्यर्थी रेस पूरी न कर पाने की वजह से छंट गईं। कुछ महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि नवरात्र का व्रत होने की वजह से वे भूखी प्यासी ही दौड़ गईं। जो सफल हुईं, उन्होंने उसे देवी मां का आशीर्वाद बताया। आरआरसी चेयरमैन विवेक प्रकाश ने बताया कि कुल 157 महिला अभ्यर्थियों ने दो चरण में हुई ग्रुप डी परीक्षा क्वालीफाई कर ली।

आरआरसी की ओर से ली गई ग्रुप डी परीक्षा में पुरुष अभ्यर्थियों के मुकाबले महिला अभ्यर्थियों को 35 किलो की बजाय 20 किलो वजन उठाकर सौ मीटर की दूरी तय करनी थी। यह बाधा पार करने के बाद महिला अभ्यर्थियों को एक हजार मीटर की रेस पूरी करनी थी। पिछली दफा महिला अभ्यर्थियों की रेस मात्र 400 मीटर की ही थी, लेकिन इस बार रेलवे बोर्ड स्तर पर इस बार महिला अभ्यर्थियों को एक हजार मीटर की रेस पूरी करनी थी। पुरुष अभ्यर्थियों को जहां 4.08 मिनट का समय इस रेस के लिए पिछले दिनों दिया गया था तो वहीं महिला अभ्यर्थियों को 5.40 मिनट में यह दूरी तय करनी पड़ी। रेस में बाहर हुई  रितिका जैन ने बताया कि उनकी तैयारी 400 मीटर रेस की थी। एक हजार मीटर के बारे में जानकारी नहीं थी। 

आरआरसी की ओर से 26 मार्च को ली गई शारीरिक दक्षता  परीक्षा पिछले दिनों तकनीकी कारणों से निरस्त कर दी गई थी। अब उसमें शामिल अभ्यर्थियों को डीएसए ग्राउंड में सोमवार आठ अप्रैल को बुलाया गया है। आरआरसी चेयरमैन विवेक प्रकाश के मुताबिक सोमवार को 1100 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि अब 15 अप्रैल या उसके बाद ही सफल अभ्यर्थियों का डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन और मेडिकल जांच होगी।