Tuesday, April 23, 2019

सीधी भर्ती में नियुक्ति पाए कर्मचारी की नहीं हो सकती पदावनति :: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

सीधी भर्ती में नियुक्ति पाए कर्मचारी की नहीं हो सकती पदावनति :: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 


हाईकोर्ट ने कहा कि किसी पद पर सीधे नियुक्त कर्मचारी को पदावनति देकर निमभन पद पर नहीं भेजा सकता है। कोर्ट ने प्रवक्ता को पदानवति देकर सहायक अध्यापक बनाने के आदेश को रद्द करने संबंधी एकल न्यायपीठ के निर्णय को सही ठहराया है। इस निर्णय को चुनौती देनी वाली पारीछा थर्मल प्रोजेक्ट झांसी के उपमहाप्रबंधक की विशेष अपील खारिज कर दी है।
अपील पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की पीठ ने सुनवाई की। याची आशीष कुमार हजेला की अपने पिता की मृत्यु के उपरांत मृतक आश्रित कोटे में प्रवक्ता के पद पर नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति की संस्तुति महाप्रबंधक थर्मल प्रोजेक्ट झांसी ने की थी। बाद में विभाग ने इस पर आपत्ति की कि प्रवक्ता के पद पर सीधी भर्ती नहीं हो सकती है। समीक्षा के बाद याची को प्रवक्ता के पद से पदावनत कर सहायक अध्यापक बना दिया गया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि विद्युत बोर्ड ने अपने परिनियमों में पिछली तारीख से संशोधन किया है, जो मान्य नहीं है। याची की प्रवक्ता के पद पर सीधी भर्ती की गई है, इसलिए उसे दंड स्वरूप भी पदावनति नहीं दी जा सकती है। सुप्रीमकोर्ट के न्यादर सिंह केस का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर को कंपाउंडर या वार्ड ब्वाय नहीं बनाया जा सकता है। जिस पद पर नियुक्ति हुई है, वह मूल पद है उससे नीचे के पद पर पदावनति नहीं दी जा सकती है।

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