Tuesday, April 9, 2019

12वी के बाद चार वर्षीय बीएड पाठ्क्रम के नियम जारी , 12वी में कम से कम 50 फीसदी अंक आने पर ही कर सकेंगे आवेदन , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

12वी के बाद चार वर्षीय बीएड पाठ्क्रम के नियम जारी , 12वी में  कम से कम 50 फीसदी अंक आने पर ही कर सकेंगे आवेदन , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर  


चार वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) सत्र 2019-20 से शुरू होगा। छात्र बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कर सकेंगे। संशोधित गजट में बीकॉम-बीएड का उल्लेख नहीं किया गया है। छात्रों का चयन मेरिट के आधार पर होगा। 50 छात्रों की एक यूनिट होगी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षकों के मानक भी तय कर दिए हैं। इसके आधार पर ही संस्थान आगे आवेदन कर सकेंगे। .

इंटरमीडिएट में 50 फीसदी अंक लाने वाले छात्र ही आवेदन कर सकेंगे। मेरिट के आधार पर चयन होगा। चयन की प्रक्रिया विश्वविद्यालय या राज्य स्तर पर तय करने की छूट होगी। आठ सेमेस्टर वाली इस परीक्षा में यदि कोई किसी सेमेस्टर में पास नहीं हो पाता है तो उसे इस कोर्स को पूरा करने के लिए छह वर्ष का समय दिया जाएगा। एनसीटीई के इस चार वर्षीय कोर्स में पूर्व प्राथमिक से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के दो वर्ग होंगे। दोनों ही वर्गों के कला और विज्ञान वर्ग के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति के मानक अलग-अलग होंगे। विषयों की अधिकता के कारण मानक में शिक्षकों की नियुक्ति यूनिटवार (50 छात्र) की जाएगी। एक सेमेस्टर में 125 कार्य दिवस होंगे। कुल 40 कार्य घंटे होंगे। सेमेस्टरवार 80 फीसदी छात्र की हाजिरी अनिवार्य है। 30 फीसदी तक एनसीटीई के सिलेबस में अपने स्तर पर कुछ शर्तों के साथ बदलाव की छूट होगी। .

शिक्षा में प्रोफेसर अथवा शिक्षा में एसोसिएट प्रोफेसर (विभागाध्यक्ष) के लिए विज्ञान अथवा गणित अथवा सामाजिक विज्ञान अथवा वाणिज्य अथवा भाषाओं में स्नातकोत्तर उपाधि। एमएड और शिक्षा में पीएचडी। प्रोफेसर के लिए 10 वर्ष और एसोसिएट के लिए आठ वर्ष का अनुभव। इसी तरह अन्य शिक्षकों के लिए भी योग्यता निर्धारित की गई है। अन्य कर्मचारियों के बारे में भी इसी तरह मानक तय किए गए हैं। .

चार वर्षीय कोर्स में प्रवेश लेने के लिए इंटर में 50% अंक लाना जरूरी होगा। अनुसूचित जाति और जनजाति के अलावा पिछड़ा वर्ग को न्यूनतम अंक प्रतिशत में छूट दी जाएगी। .

विज्ञान वर्ग के लिए (पूर्व प्राथमिक से प्राथमिक) यदि एक इकाई (50 छात्र) की संस्थान को मान्यता चाहिए है तो हेड शिक्षा में प्रोफेसर अथवा एसोसिएट प्रोफेसर के रैंक में विभागाध्यक्ष होना चाहिए। यही दो इकाई के लिए मान्य है। गणित, भौतिक विज्ञान,रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान अथवा जीवन विज्ञान अथवा जैविक विज्ञान, वनस्पति विज्ञान अथवा जीवन विज्ञान अथवा जैविक विज्ञान में एक इकाई के लिए एक-एक शिक्षक लेकिन दो इकाई के लिए दो-दो शिक्षक होने चाहिए। अंग्रेजी और आधुनिक भाषाओं के लिए दोनों इकाइयों में एक-एक, शैक्षिक अध्ययन में एक इकाई के लिए दो और दो इकाई के लिए तीन शिक्षक होने चाहिए। कला वर्ग को विभागाध्यक्ष के अतिरिक्त आठ व दो इकाइयों के लिए विभागाध्यक्ष के अतिरिक्त 14 शिक्षक होने चाहिए। .