Thursday, March 7, 2019

RRB Group D Result 2019: आरआरबी ने बताई 100 से भी अधिक मार्क्स आने की वजह , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

RRB Group D Result 2019: आरआरबी ने बताई 100 से भी अधिक मार्क्स आने की वजह , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 


 रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने ग्रुप डी के रिजल्ट (Railway Group D Result)  में गड़बड़ी से इनकार कर इसे निराधार बताया है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने कहा कि रेल भर्ती बोर्डों द्वारा प्रकाशित ग्रुप डी भर्ती परीक्षा (लेवल-1) के परिणाम में अधिकतम नार्मलाइज्ड अंक 126.13 हैं। इसलिए इससे अधिक प्राप्तांक का दावा मनगढ़ंत है।

रेलवे भर्ती बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट्स पर नोटिस जारी कर कहा है कि नार्मलाइजेशन की प्रक्रिया के बाद प्राप्तांकों का कुल अंकों (100) से ऊपर चला जाना कोई असामान्य बात नहीं है। आरआरबी द्वारा आयोजित की गई पहले की परीक्षाओं के दौरान भी ऐसा होता रहा है। पहले भी कुछ उम्मीदवारों के प्राप्तांक कुल अंकों से ऊपर जाते रहे हैं। इसलिए  RRB Group D Result ( CEN-02/2018 Result ) में कुछ भी अजीब और असामान्य  नहीं है। उम्मीदवार द्वारा प्राप्त किए रॉ मार्क्स उसके नार्मलाइज्ड मार्क्स तय करने में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

रेलवे भर्ती बोर्ड ने बुधवार को विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह ग्रुप डी परीक्षा पूरे भारत में 152 पालियों में 51 दिनों में हुई। इसमें अभ्यर्थियों के प्राप्तांक को एक फॉर्मूले के तहत नार्मलाइज किया जाता है। यह फॉर्मूला सभी रेलवे भर्ती बोर्ड वर्ष 2000 से परीक्षा परिणामों में अपना रहा है। यानी करीब 19 सालों से नार्मलाइज्ड मार्क्स का फॉर्मूला अपनाया जा रहा है।


RRB Group D Notification में भी प्राप्त अंकों को नार्मलाइज करने की जानकारी दी गई थी। रिजल्ट प्रकाशन से पूर्व ही उनका प्रश्न पत्र, मास्टर उत्तर कुंजी और उनके द्वारा दिए गए उत्तर जांच के बाद रेलवे के अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए थे। इस संबंध में 14 से 20 जनवरी तक आपत्ति भी मांगी गई थी। 1.58 लाख उम्मीदवारों ने आपत्ति दर्ज करवाई थी।

प्रकाशित परिणाम बिल्कुल ही परीक्षार्थियों की मेधा एवं प्रमाणिक जांच विधि पर आधारित है।

रेल मंत्रालय ने दी सफाई
रेलवे ने कहा है कि ग्रुप डी परीक्षा के एक अभ्यर्थी के सोशल मीडिया पर वायरल हुई मार्कशीट से छेड़छाड़ की गई है। रेलवे मंत्रालय ने एक ट्वीट करके छात्रों से अनुरोध किया है कि वे शरारती तत्वों से भ्रमित न हों। भारतीय रेलवे भर्ती प्रणाली पूरी तरह से निष्पक्ष एवं पारदर्शी है।

रेलवे की ग्रुप डी (लेवल-1) की परीक्षा में समान्यकरण फार्मूले के कारण 100 नंबर के प्रश्न पत्र में 148 तक अंक दिए गए हैं। पिछले दो दिन से सोशल मीडिया पर रेलवे भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। .

पर रेल मंत्रालय ने उक्त आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सामान्यकरण फार्मूला (नॉर्मलाइजेशन) के कारण कुल 100 नंबर के प्रश्न पत्र में अभ्यर्थियों इससे अधिक अंक दिए हैं।.

रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए बड़े पैमाने पर परीक्षा का आयोजन कराया जाता है। इसमें कई पाली और कई चरणों में परीक्षा ली जाती है। प्रश्न पत्र का पाठ्यक्रम एक रहता है किंतु प्रश्न सरल व कठित हो सकते हैं। इसके अलावा ग्रुप डी (लेवल-1) की परीक्षा में 10वीं पास के अलावा स्नातक व प्रोफेशनल डिग्रीधारक अभ्यर्थी बैठते हैं। 10वीं पास और उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थियों को बराबर का मौका मिले इसके लिए रेलवे सामान्यकरण फार्मूला अपनाता है। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थी अधिक फायदा नहीं उठा पाते। सामान्यकरण फार्मूला में 1090 अभ्यर्थियों को कुल 100 नंबर के प्रश्न पत्र में 100 से अधिक अंक अधिक मिले हैं।.