Saturday, March 30, 2019

69000 शिक्षक भर्ती :: भर्ती में भारी पड़ी अधिकारियो की मनमानी , बेसिक शिक्षा विभाग के आला अफसरों के तुगलकी फरमानो से कोर्ट में मुँह की खानी पड़ी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

69000 शिक्षक भर्ती :: भर्ती में भारी पड़ी अधिकारियो की मनमानी , बेसिक शिक्षा विभाग के आला अफसरों के तुगलकी फरमानो से कोर्ट में मुँह की खानी पड़ी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 


संविधान का उल्लंघन है शासनादेश
यह भी सामने आया है कि विशेष सचिव शिक्षा अनुभाग-चार ने बेसिक शिक्षा सचिव के निवेदन पर शासनादेश जारी किया, जबकि वे इसके लिए पात्र नहीं हैं। इसे कैबिनेट के बीच नहीं रखा गया जो संविधान का उल्लंघन है। ऐसे में इसे शासनादेश या शासन का निर्णय भी नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह केवल विशेष सचिव द्वारा जारी पत्र है।

जल्दबाजी की जरूरत क्या थी?
सरकारी वकील ने हाईकोर्ट में माना कि जल्द में शासनादेश जारी हुआ, लेकिन यह भी कहा कि इसके लिए सभी प्रक्रिया का पालन हुआ है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि उनके पास उस 24 घंटे के समस्त रिकॉर्ड हैं जो बताते हैं कि शासनादेश को किस प्रकार जारी किया गया। इस जल्दबाजी की वजह समझ नहीं आती।

खेल के बाद नियम बदले गए
हाईकोर्ट ने कहा कि सराकार के कट ऑफ संबंधित आदेश का अधिकतर अभ्यर्थियों को भी पता नहीं चला। यह बताता है कि खेल के बाद खेल के नियम बदले गए। योग्यता के कट ऑफ मार्क्स परीक्षा से पहले जारी होते हैं, इसे परीक्षा के बाद लागू नहीं किया जा सकता।