Saturday, March 30, 2019

दिल्ली में 21 हजार अतिथि शिक्षकों की किस्मत का फैसला टला , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

दिल्ली में 21 हजार अतिथि शिक्षकों की किस्मत का फैसला टला , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले करीब 21,833 अतिथि शिक्षकों की सेवा जारी रखने की अनुमति दी जाए या नहीं, इस पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। इस कारण सोमवार से स्कूलों में शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ेगा। इससे बड़े पैमाने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की भी आशंका है।.

जस्टिस नज्मी वजीरी के समक्ष अतिथि शिक्षकों की सेवा जारी रखने की मांग को लेकर दिल्ली सरकार की अर्जी पर सुनवाई होनी थी। लेकिन, समय अभाव के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 12 अप्रैल मुकर्रर की है। सरकार ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर 21,833 अतिथि शिक्षकों की सेवा अगले छह माह के लिए बढ़ाने की मांग की है। सरकार ने कहा है कि 9956 में से डीएसएसएसबी ने अबतक सिर्फ 400 नवनियुक्त शिक्षकों की सूची मुहैया कराई है, ऐसे में अतिथि शिक्षकों की सेवाएं बढ़ाने की जरूरत है। हाईकोर्ट ने पिछले साल 25 अक्तूबर को पारित आदेश में सरकार को सिर्फ 28 फरवरी, 2019 तक ही सेवाएं लेने की अनुमति दी थी। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि शिक्षा विभाग और डीएसएसएसबी नियमित शिक्षकों की नियुक्ति का प्रयास करती रहती है, बावजूद शिक्षकों की कमी बनी रहती है। .

अतिथि शिक्षकों की सेवा जारी रखने की अनुमति नहीं मिलने और सुनवाई टलने से अब सरकारी स्कूलों को सोमवार को शिक्षकों की कमी का सामना करना होगा। नए शैक्षणिक सत्र की पहली कक्षा सोमवार से शुरू होगी। मामले की सुनवाई टल जाने से अतिथि शिक्षक स्कूल नहीं आ पाएंगे। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नए सत्र के पहले दिन पहली अप्रैल को स्कूलों में एक भी नए नियमित शिक्षक नियुक्त नहीं हुए। .