Wednesday, March 13, 2019

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती 2013 :: सिपाही भर्ती में रिक्त पदों पर कैसे हुआ समायोजन , कोर्ट ने भर्ती बोर्ड व सरकार से माँगा जवाब , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती 2013 :: सिपाही भर्ती में  रिक्त पदों पर कैसे हुआ समायोजन , कोर्ट ने भर्ती बोर्ड व सरकार से माँगा जवाब , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 



2013 में विज्ञापित 41610 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती में रिक्त रह गए पदों पर नियुक्ति देने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में विशेष अपील दाखिल की गई है। इसमें मांग की गई कि पदों को कैरी फारवर्ड का नियम रद्द होने के बाद मेरिट लिस्ट में अचयनित अभ्यर्थियों को मौका दिया जाए।  याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पीठ ने पुलिस भर्ती बोर्ड से पूछा है कि बचे हुए पदों के सापेक्ष व्हाइटनर इस्तेमाल करने वाले अभ्यर्थियों को समायोजित किया गया है या उनका समायोजन 41610 मूल पदों के सापेक्ष हुआ है।

याचीगण प्रमोद कुमार सिंह और अन्य की ओर से अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 41610 सिपाही भर्ती का अंतिम चयन परिणाम 16 जुलाई 2015 को घोषित किया गया। चयन में 38315 पद भरे गए और विशेष आरक्षित कोटे (एक्स सर्विस मैन, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित) के 2312 पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण रिक्त रह गए।
इसी प्रकार से सामान्य वर्ग की 982 सीटें भी रिक्त रह गई। इस मामले में उपेंद्र सिंह तोमर आदि ने याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने क्षैतिज आरक्षण के प्रावधान को शून्य घोषित करते हुए रिक्त पदों को योग्य अभ्यर्थियों से भरने का निर्देश दिया।

इस आदेश के क्रम में पुलिस भर्ती बोर्ड ने 8678 अभ्यर्थियों को चयन के लिए बुलाया। 595 पुरुष अभ्यर्थी अलग से बुलाए गए। इसके खिलाफ यह कहते हुए याचिका दाखिल की गई कि बोर्ड ने ओबीसी अभ्यर्थियों को बड़ी संख्या में बुलाया है। कोर्ट ने इस पर सचिव पुलिस भर्ती बोर्ड से जवाब मांगा है।

सचिव ने अपने व्यक्तिगत हलफनामे में कहा कि रिक्त पदों को व्हाइटनर प्रयोग करने वाले 4429 अभ्यर्थियों से भर दिया गया है। कोर्ट ने इस हलफनामे के बाद याचिका यह कहते हुए निस्तारित कर दी कि बोर्ड अपने निर्णय के अनुसार कार्यवाही करे। इस आदेश को विशेष अपील में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने तीन सप्ताह में पुलिस भर्ती बोर्ड से जवाब मांगा है।
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