Saturday, February 2, 2019

सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ :: कोर्स एक , कॉलेज दो , प्राइवेट फॉर्म में नई व्यवस्था लागू होने के बाद द्वितीय एवं फाइनल ईयर के छात्र और कॉलेज परेशान , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ :: कोर्स एक , कॉलेज दो , प्राइवेट फॉर्म में नई व्यवस्था लागू होने के बाद द्वितीय एवं फाइनल ईयर के छात्र और कॉलेज परेशान , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 



 यूजी-पीजी प्राइवेट में प्रथम या द्वितीय वर्ष पास कर चुके छात्र-छात्र इस वर्ष परीक्षा फॉर्म भरने के बाद तनाव में हैं। कैंपस से कॉलेजों तक विकल्प बदलने को लेकर छात्र सवाल कर रहे हैं। छात्रों का दावा है कि यदि उनके हर वर्ष कॉलेज बदले तो उनकी मार्कशीट पर कोई भी यकीन नहीं करेगा। आखिर नौकरी के वक्त वे क्या जवाब देंगे।.

छात्र-छात्राओं के इस तरह के सवाल यूजी-पीजी प्राइवेट में पहले से पंजीकृत छात्र-छात्राओं के हैं। यूनिवर्सिटी ने इस वर्ष पहले से पंजीकृत कॉलेजों का विकल्प खत्म करते हुए नए कॉलेज आवंटित कर दिए। नई व्यवस्था में छात्र-छात्राओं के कॉलेज बदल गए। विवि ने इन छात्रों को द्वितीय और अंतिम वर्ष में नया कॉलेज दिया है। ऐसे में प्रथम वर्ष की मार्कशीट पर कॉलेज का अलग नाम होगा जबकि द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में अलग। छात्रों को सबसे अधिक आपत्ति इसी पर है। छात्रों के अनुसार पीजी में दो और यूजी के तीन वर्ष में एक ही कोर्स में दो कॉलेजों का नाम मिलेगा। आखिर वे किसको अपनी मार्कशीट की वैधता बताएंगे। .

छात्रों की इस चिंता को विवि ने गलत करार दिया है। प्रोवीसी प्रो.वाई विमला के अनुसार प्राइवेट स्टूडेंट का कॉलेज से कोई संबंध नहीं है। विवि अब मार्कशीट पर कॉलेज के नाम की जगह केंद्र का नाम दर्ज करेगा और केंद्र तीनों वर्षों में अलग-अलग हो सकते हैं। छात्रों को मार्कशीट और डिग्री चौ.चरण सिंह यूनिवर्सिटी की ही मिलेगी। प्रो. विमला के अनुसार विवि प्रत्येक वर्ष प्राइवेट छात्र की किसी भी कॉलेज में परीक्षा करा सकता है। रेगुलर कोर्स में कॉलेज नहीं बदल सकता। ऐसे में प्राइवेट छात्र-छात्रा परेशान ना हों। उनकी मार्कशीट या डिग्री पूरी तरह से वैध रहेगी। .

शुक्रवार तक विवि में एक लाख 71 हजार 616 छात्र-छात्राओं ने अपने परीक्षा फॉर्म भर दिए। एमए प्राइवेट में 41653, एमकॉम में 14714, बीए में एक लाख 341, बीकॉम में 14795 और एकल विषय में 113 छात्रों ने फॉर्म भरे हैं। बीए प्रथम वर्ष में 45662 छात्रों ने फॉर्म भरे हैं। पीजी में एमए द्वितीय वर्ष में 21631 फॉर्म भरे गए हैं। .

मेरठ। चौ.चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में यूजी-पीजी प्राइवेट के परीक्षा फॉर्म भरने में छात्रों की परेशानियां कम नहीं हो रही। बैक और श्रेणी सुधार के परीक्षा फॉर्म भरने में छात्रों को सर्वाधिक परेशानी है। श्रेणी सुधार में आवेदन के एक हफ्ते बाद भी फॉर्म नहीं खुल सके। विवि में फॉर्म भरने की अंतिम तिथि कल है। फिलहाल फॉर्म का आंकड़ा 1.71 लाख तक पहुंच गया है। .

यूनिवर्सिटी ने अक्तूबर में हुई बैक परीक्षा में फॉर्म भरने से संचित छात्र-छात्राओं को तीन दिन का मौका दिया था। लेकिन छात्रों का दावा है कि उनके फॉर्म नहीं खुले। इन सभी छात्रों ने यूनिवर्सिटी में प्रार्थना पत्र देकर फॉर्म खोलने का अनुरोध किया। इसी तरह श्रेणी सुधार में फॉर्म भरने के लिए भी छात्र परेशान हैं। छात्रों के मुताबिक उन्होंने एक हफ्ते पहले श्रेणी सुधार के फॉर्म खुलवाने के लिए सभी डॉक्यूमेंट विवि में जमा कराए हैं, लेकिन अभी तक उनके फॉर्म नहीं खुले। शुक्रवार को भी यूनिवर्सिटी कैंपस में फॉर्म में खामियां सही कराने के लिए छात्र-छात्राओं की लंबी लाइन लगी रही। हालांकि विवि का दावा है कि छात्रों के आवेदनों पर निरंतर काम चल रहा है। कैंपस पहुंच रहे अधिकांश छात्र ऐसे हैं जिन्हों साइबर कैफों से फॉर्म भरवाए और उन्होंने गलती कर दी। अब ये गलती सही कराने को ये छात्र कैंपस आ रहे हैं। .