Saturday, February 9, 2019

नई पेंशन स्कीम पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी , नयी पेंशन स्कीम इतनी ही अच्छी तो सांसदों , विधायकों पर भी करे लागू , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

नई पेंशन स्कीम पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी , नयी पेंशन स्कीम इतनी ही अच्छी तो सांसदों , विधायकों पर भी करे लागू , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 



 इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली के लिए राज्य कर्मचारियों की हड़ताल पर राज्य सरकार के रवैए की तीखी आलोचना की है। अदालत ने पूछा है कि सरकार बिना कर्मचारियों की सहमति के उनका अंशदान शेयर में कैसे लगा सकती है और क्या सरकार असंतुष्ट कर्मचारियों से काम ले सकती है/

 कोर्ट ने यहां तक कहा कि नई पेंशन स्कीम अच्छी है तो इसे सांसदों और विधायकों की पेंशन पर क्यों नहीं लागू किया जाता है। इसी के साथ कोर्ट में पेश कर्मचारी नेताओं को अपनी शिकायतें व पेंशन स्कीम की खामियों का ब्योरा 10 दिन में पेश करने और सरकार को इस पर विचार कर 25 फरवरी तक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया गया।

हड़ताल के कारण हाई कोर्ट की कॉजलिस्ट न छपने और कोर्ट की कार्यवाही प्रभावित होने पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका कायम करते हुए दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि पुरानी पेंशन स्कीम की मांग मानने में क्या कठिनाई है/ अगर शेयर में लगाने के बाद पैसा डूबा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा/ क्या सरकार को न्यूनतम पेंशन नहीं तय करनी चाहिए/ कोर्ट में पेश कर्मचारी नेताओं के अधिवक्ता ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रही है। 2005 से नई पेंशन स्कीम लागू की गई है, जिस पर कर्मचारियों को कड़ी आपत्ति है।