Saturday, February 2, 2019

69000 शिक्षक भर्ती :: परीक्षा के बाद अर्हता अंक तय नहीं कर सकती सरकार, अगली सुनवाई सोमवार को , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर





69000 शिक्षक भर्ती :: परीक्षा के बाद अर्हता अंक तय नहीं कर सकती सरकार, अगली सुनवाई सोमवार को , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 


उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई अब 4 फरवरी को होगी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा ने सामान्य वर्ग के लिए 65 फीसदी व आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी अर्हता अंक (क्वालिफाइंग मार्क्स) तय किए जाने के फैसले को सही ठहराया। वहीं, याचियों की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरिगोविंद सिंह परिहार व अन्य वकीलों ने दलील दी कि परीक्षा के बाद क्वालिफाइंग मार्क्स तय नहीं किए जा सकते।

याचियों के अधिवक्ता ने कहा कि इसके पहले हुई शिक्षक भर्ती में सामान्य वर्ग के लिए 45 फीसदी व आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी क्वालिफाइंग मार्क्स तय किए गए थे, जबकि गत 6 जनवरी को हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा के बाद 7 जनवरी को सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए 65 फीसदी व आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी क्वालिफाइंग मार्क्स तय कर दिए। यह शिक्षामित्रों के मामले में विभेदकारी है।

शिक्षामित्रों के हित होंगे प्रभावित
याचियों के अधिवक्ता ने कहा कि इससे परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षामित्रों के हित प्रभावित होंगे। परिहार ने कहा कि 6 जनवरी को हुई भर्ती परीक्षा में क्वालिफाइंग मार्क्स रखना भी था तो इन्हें पहले की भांति सामान्य वर्ग के लिए 45 फीसदी व आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी ही रखा जाना चाहिए था।

उनकी बहस सोमवार को भी जारी रहेगी। सैकड़ों शिक्षामित्रों की तरफ से दायर कई याचिकाओं पर न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ में सुनवाई अंतिम दौर में चल रही है।