Tuesday, February 5, 2019

पुरानी पेंशन बहाली के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान ,150 कर्मचारी संगठनों की महाहड़ताल कल से सरकार सख्त, लगायी छह माह की रोक ,क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर


पुरानी पेंशन बहाली के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान ,150 कर्मचारी संगठनों की महाहड़ताल कल से सरकार सख्त, लगायी छह माह की रोक ,क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




देश के कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर बुधवार से होने वाली महा हड़ताल के मद्देनजर सरकार से आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। 

महा हड़ताल को सफल बनाने के लिए सोमवार को पुरानी पेंशन बहाली मंच ने कर्मचारी संगठनों के नेताओं के साथ आपात बैठक की। बैठक में कर्मचारी नेताओं को आन्दोलन को सफल बनाने का मंत्र दिया गया।प्रदेश में बुधवार से होने वाली महा हड़ताल को लेकर पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले कर्मचारी नेताओं की आपात बैठक सोमवार को लोक निर्माण विभाग के संघ भवन में आयोजित हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि महाहड़ताल में 150 कर्मचारी संगठन से जुड़े 25 लाख से अधिक कर्मचारी होंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल से सम्बन्धित बैनर तथा पोस्टर मंगलवार तक हर हाल में चस्पा करा दें। इसके अतिरिक्त अनिवार्य रूप से हड़ताल के दौरान शान्तिपूर्वक गेट मीटिंग करें, ताकि सरकार को कर्मचारियों की ताकत का एहसास हो सके। उन्होंने कहा कि इस बार उनके आन्दोलन में कुछ और संगठन शामिल हुए हैं, जिन्होंने आन्दोलन का समर्थन किया। इससे पूर्व बैठक को पुरानी पेंशन बहाली मंच के अध्यक्ष डाक्टर दिनेश शर्मा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछली बार महाहड़ताल के दौरान नौकरशाहों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग पूरी किये जाने का सकारात्मक आश्वासन दिया था, जिसके तहत सरकार ने ढाई महीने का समय मांगा था। इस सम्बन्ध में सरकार का हर स्तर पर सहयोग किया गया है, अब सरकार के पास कोई बहाना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बार मांग पूरी न होने तक महाहड़ताल जारी रहेगी। श्री शर्मा की इस बात का कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने समर्थन किया है। आपात बैठक में शिक्षक नेता चेत नारायण, बाबा हरदेव सिंह, डा. एसके सिंह, भारत सिंह यादव, विष्णु कुमार तिवारी, एसपी सिंह, सन्तोष पाण्डेय, शिव बरन यादव, वीरेन्द्र तिवारी आदि कर्मचारी नेता मौजूद रहे।




प्रदेश सरकार ने अगले छह महीने तक के लिए किसी भी सरकारी हड़ताल पर रोक लगा दी है। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव द्वारा आज अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत उप्र अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 की सुसंगत धाराओं के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके, राज्य के कार्य-कलापों से सम्बंधित किसी लोक सेवा सहित राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंतण्रवाले किसी निगम तथा किसी स्थानीय निकाय के अधीन किसी सेवा में 6 माह की अवधि के लिए हड़ताल निषिद्ध कर दी गयी है। इसी तरह शासन ने उच्च शिक्षा के सभी राज्य विविद्यालयों व उनके सम्बद्ध महाविद्यालयों में अत्यावश्यक सेवा के तहत अगले छह महीने तक के लिए हड़ताल को निषिद्ध कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी से विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने सोमवार को इस बाबत अधिसूचना भी जारी कर दी है। सरकार ने यह निर्णय विविद्यालयों की आगामी परीक्षाओं के मद्देनजर लिया है।