Wednesday, February 13, 2019

अब प्राइमरी शिक्षकों की भी भर्ती करेगा मा. शिक्षा चयन बोर्ड ,योगी कैबिनेट ने 15 प्रस्तावों पर लगायी मुहर , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

अब प्राइमरी शिक्षकों की भी भर्ती करेगा मा. शिक्षा चयन बोर्ड ,योगी कैबिनेट ने 15 प्रस्तावों पर लगायी मुहर , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट की बैठक में माध्यमिक शिक्षा में एडेड इंटर कालेजों से सम्बद्ध प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भर्ती की माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से कराने का निर्णय लिया गया। प्रदेश भर में ऐसे विद्यालयों की संख्या तकरीबन 500 है, इनमें 48 विद्यालय राजधानी में है। अभी तक इन विद्यालयों में शिक्षकों के पदों पर भर्ती प्रबंध तंत्र करता था और इन भर्तियों को लेकर हमेशा सवाल उठते थे, इस पर सरकार ने अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम उठाया है।मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में उप्र माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड नियमावली, 1998 में पंचम संशोधन किया गया है।

कार्मिक विभाग द्वारा निर्गत 31 अगस्त, 2017 की अधिसूचना के माध्यम से उत्तर प्रदेश अवर स्तरीय पदों पर सीधी भर्ती के लिए लिखित/ साक्षात्कार (साक्षात्कार का बंद किया जाना) नियमावली, 2017 के अनुसार अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में (टीजीटी स्नातक वेतनक्रम) के पदों पर चयन के लिए साक्षात्कार व्यवस्था समाप्त किए जाने एवं प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट स्कूल के साथ सम्बद्ध प्राइमरी विभाग में मौलिक रूप से रिक्त सहायक अध्यापक के पदों पर नियुक्ति के लिए चयन की कार्यवाही चयन बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमवाली, 1981 यथा संशोधित में विहित प्राविधानों के अधीन उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, प्रयागराज से कराए जाने के लिए संगत नियमावली, उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड नियमावली, 1998 के नियम-10 एवं नियम-12 (2), (4) एवं (9) में संशोधन का निर्णय किया गया है। कैबिनेट ने हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लि. गोरखपुर को भूमि पंजीकरण कराए जाने के लिए स्टाम्प ड्यूटी के एवज में बैंक गारण्टी जमा किए जाने से छूट देने का फैसला लिया गया है। एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के एकेडमिक ब्लाक के निर्माण के लिए पुनरीक्षित आगणन को स्वीकृति दे दी है। इस परियोजना के लिए 382.52 करोड़ रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई है। इसी तरह उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक लि. द्वारा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से ऋण लेने के लिए शासन द्वारा 400 करोड रुपये की शासकीय गारण्टी मंजूर की गयी है। राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय लखनऊ से संबद्ध चिकित्सालय के भवन निर्माण में लोनिवि द्वारा निर्धारित विशिष्टों से उच्च विशिष्टयों के उपयोग की अनुमति दी गयी है।दजनगणना 2011 में छूटे 10 लाख परिवार आयुष्मान परियोजना से जुड़ेंगे