Wednesday, December 19, 2018

महाविद्यालयो के मानदेय शिक्षक होंगे नियमित , उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के अधिनियम में संशोधन के बाद बाद सरकार ने किया फैसला , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

महाविद्यालयो  के मानदेय शिक्षक होंगे नियमित , उच्चतर शिक्षा  सेवा आयोग के अधिनियम में संशोधन के बाद बाद सरकार ने किया फैसला , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




डिग्री कालेजों में लम्बे समय से मानदेय पर काम कर रहे करीब 600 शिक्षकों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। उनका उसी कालेज में संविलयन कर दिया गया है। इससे इन शिक्षकों के नियमित होने का रास्ता खुल गया। .

उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. अनिता भटनागर जैन ने बताया कि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत पिछले 10 सितम्बर को एक संशोधन किया गया है। इसमें व्यवस्था की गई है कि साल 1998 से लेकर 29 मार्च 2011 तक जो भी शिक्षक डिग्री कालेज में मानदेय पर काम कर रहे हैं, उनका अपने-अपने डिग्री कालेज में ही संविलियन कर लिया जाएगा।.

उन्होंने बताया कि सरकार ऐसे मानदेय शिक्षकों की तीन श्रेणियां बनाई हैं। इन श्रेणियों में से एक में उन्हें रखा गया है जो अविज्ञापित पद पर उसी डिग्री कालेज में कार्यरत हैं। ऐसे शिक्षकों की तादाद 212 है। दूसरे वे जिनका उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग रिक्त पद के लिए विज्ञापन निकाल चुका है और वे अपने डिग्री कालेज में अविज्ञापित पद पर हैं तो उनका अपने डिग्री कालेज में विलय हो जाएगा। तीसरे वे हैं जहां उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने पहले से अमुख डिग्री कालेज के विज्ञापित पद कर चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है, उनका दूसरे डिग्री कालेज के रिक्त पदों पर विलय किया जाएगा। ऐसे शिक्षकों की सॉफ्टवेयर में बनी वरिष्ठता सूची के हिसाब से अपने ऐच्छिक शहर के डिग्री कालेज का विकल्प मांगा जाएगा। यह साफ्टवेयर एनआई सी ने बनाया है। 


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