Thursday, November 29, 2018

चार साल के बीएड को 80 % हाजरी जरुरी , एनसीटीई ने चार वर्षीय बीएड कोर्स में हाजिरी का प्रतिशत बढ़ाया, पहले 75 फीसदी हाजिरी थी अनिवार्य, पांच फीसदी बढ़ी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

चार साल के बीएड को 80 % हाजरी जरुरी , एनसीटीई ने चार वर्षीय बीएड कोर्स में हाजिरी का प्रतिशत बढ़ाया, पहले 75 फीसदी हाजिरी थी अनिवार्य, पांच फीसदी बढ़ी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




देशभर में इंटर के बाद शिक्षक बनने के लिए शुरू होने जा रहे चार वर्षीय बीएड कोर्स में छात्र-छात्राओं को अब अधिक दिनों तक क्लास करना जरुरी होगा। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने नए कोर्स में हाजिरी और कार्यदिवसों की संख्या बढ़ा दी है। छात्रों को 80 फीसदी हाजिरी बिना डिग्री नहीं मिलेगी। पूरे साल में नए कोर्स में 40 कार्यदिवस अधिक पढ़ाए जाएंगे। इससे छात्र और शिक्षक दोनों को ही पहले के मुकाबले अधिक व्यस्त रहना होगा। .

एनसीटीई ने सत्र 2019-23 के लिए बीए-बीएड और बीएससी-बीएड चार वर्षीष कोर्स का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अगले सत्र से इन कोर्स में प्रवेश प्रारंभ होंगे। प्रवेश के लिए छात्रों के इंटर में 50 फीसदी अंक जरुरी होंगे। हालांकि, इसमें प्रवेश मेरिट से होगा अथवा एंट्रेंस टेस्ट से, ये संबंधित राज्यों को तय करना होगा, लेकिन नए कोर्स में एनसीटीई ने छात्र और शिक्षक दोनों के लिए पढ़ाई के लिए समय बढ़ा दिया है। नए कोर्स में छात्रों के लिए 80 फीसदी हाजिरी पूरी करना अनिवार्य होगा। अभी तक कॉलेजों में 75 फीसदी हाजिरी चाहिए। .

इससे कम हाजिरी पर छात्रों को परीक्षा से रोकने का प्रावधान है। प्रैक्टिकल क्लासेज में यह हाजिरी 90 फीसदी अनिवार्य होगी। साथ ही प्रत्येक सेमेस्टर में छात्रों की न्यूनतम 125 कार्यदिवस कक्षाएं चलेंगी। यानी पूरे सत्र में 250 कार्यदिवस पढ़ाने होंगे। अभी तक बीएड में 210 कार्यदिवस पूरे होने जरुरी हैं। ऐसे में एनसीटीई ने नए कोर्स में छात्रों के लिए प्रत्येक सेमेस्टर में 20-20 कार्यदिवस अधिक कर दिए हैं। ये कार्यदिवस प्रवेश और परीक्षा को छोड़कर पूरे करने होंगे। यानी हर सेमेस्टर में कुल 180 दिनों में से 125 दिन कक्षाएं चलानी ही होंगी। बाकी 50 दिन प्रवेश, परीक्षा और अन्य छुट्टियों के लिए होंगे। शिक्षकों को नए कोर्स में हर हफ्ते 40 घंटे पूरे करने होंगे। यानी नए कोर्स में छात्र से लेकर शिक्षकों को पहले के मुकाबले अधिक समय तक सक्रिय रहना होगा। .

सूत्रों के अनुसार चार वर्षीय इंटीग्रेटिड कोर्स शुरू होने के बाद दो वर्षीय बीएड और डीएलएड कोर्स अभी बंद होने की उम्मीद नहीं है। पहले से इन कोर्स को संचालित कर रहे कॉलेजों को जो सूचना दी गई है उसमें पांच साल तक वर्तमान कोर्स जारी रहेंगे। यानी स्नातक या स्नातकोत्तर कोर्स के बाद बीएड करने के रास्ते अभी चार वर्ष तक खुले रहेंगे। उम्मीद है कि एनसीटीई धीरे-धीरे इन दोनों कोर्स को इंटीग्रेटिड कोर्स में बदलेगी। वर्तमान में जारी दोनों इंटीग्रेटिड कोर्स प्राथमिक एवं जूनियर दोनों के लिए अलग-अलग होंगे। .

नए कोर्स के लिए एनसीटीई ने संबंधित कॉलेजो में पहले से ही बीए और बीएससी कोर्स चलने की शर्त रखी है। नया कोर्स केवल उन्हीं कॉलेजों को दिया जाएगा जिनमें ये बीए और बीएससी पहले से चल रहे हैं। इसका सर्वाधिक फायदा एडेड-राजकीय कॉलेजों को होगा। इन कॉलेजों में पहले से ही बीए और बीएससी कोर्स चल रहे हैं। यानी इन कॉलेजों में भविष्य में इंटर के बाद इंटीग्रेटिड बीएड कोर्स की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। .





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