Monday, September 10, 2018

स्वास्थ्य विभाग : बिना टाइपिंग टेस्ट दिए ही पास, अंतिम परीक्षा परिणाम पर रोक लगाई ,चतुर्थ से तृतीय श्रेणी की प्रोन्नति परीक्षा में धांधली , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

स्वास्थ्य विभाग : बिना टाइपिंग टेस्ट दिए ही पास, अंतिम परीक्षा परिणाम पर रोक लगाई ,चतुर्थ से तृतीय श्रेणी की प्रोन्नति परीक्षा में धांधली , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षक भर्ती की तरह स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की प्रोन्नति परीक्षा में धांधली का खुलासा हुआ है। बिना टाइपिंग टेस्ट (टंकण) दिए लिखित परीक्षा में कर्मचारी का नाम आ गया।.

शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग में निदेशक प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। फिलहाल अंतिम परीक्षा परिणाम पर रोक लगा दी गई है।.

1325 कर्मचारी ने किया था आवेदन : स्वास्थ्य विभाग के सरकारी अस्पतालों व कार्यालयों में तैनात शिक्षित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रोन्नति की मांग लंबे समय से चल रही थी। प्रोन्नति कोटे की करीब 120 सीटें हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू की। .

शिक्षित कर्मचारियों से प्रोन्नति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। 1325 कर्मचारियों ने आवेदन किए। इसके बाद टाइपिंग टेस्ट हुआ। इसमें टाइपिंग मशीन व कम्प्यूटर दोनों शामिल किए गए थे। डफरिन अस्पताल में टाइपिंग की परीक्षा शुरू हुई। 24 से 27 अगस्त के बीच परीक्षा हुई। 28 अगस्त को छूटे कर्मचारियों की टाइपिंग परीक्षा हुई। परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। इसमें 51 कर्मचारी सफल हुए। टाइपिंग परीक्षा में पास कर्मचारियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया गया। लिखित परीक्षा आयोजित हो गई।.

कुशीनगर, पडरौना चिकित्सालय कर्मचारी भी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा में एक सफल कर्मचारी की असफल कर्मचारी से फोन पर बातचीत फोन पर हुई। सफल कर्मचारी ने भर्ती के लिए पैसे देने की बात कही। उसने स्वास्थ्य महानिदेशालय के अधिकारी की मिलीभगत की भी बात उजागर की। कर्मचारियों का कहना है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। पूरी परीक्षा रद्द न की जाए। विभाग इस मामले में कर्मचारियों से पूछताछ कर रहा है।.

परीक्षा में घपले का ऑडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में निदेशक-प्रशासन पूजा पांडेय ने जांच के आदेश दिए। इसमें अपर निदेशक प्रशासन डॉ. डीके चौधरी और कुशीनगर के सीएमओ डॉ. हरिचरन सिंह शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी हो गई है। अगले हफ्ते रिपोर्ट पर फैसला होगा। निदेशक प्रशासन का कहना है कि जांच तक परीक्षा परिणाम पर रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं है। यदि आरोप सही हैं तो कठोर कार्रवाई होगी।.

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